बिलासपुर।
कोल डिपो की आड़ में कोयला चोरी का मामला सामने आया है, जिसमें पार्षद के बेटे ने भी भूमिका निभाई थी। वह कोल डिपो संचालक के रूप में कोयले की अफरा-तफरी कर रहा था। उसने खदान से निकाले गए कोयले को अपने डिपो में अनलोड करवाया और उसमें घटिया क्वालिटी का मिलावटी कोयला लोड कर दिया। मामला रतनपुर थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने 2 साल से फरार कोल डिपो संचालक को गिरफ्तार कर लिया है।
थाना प्रभारी नरेश कुमार चौहान ने बताया कि फिल कोल वाशरी के मैनेजर ने कोयला चोरी की शिकायत की थी। मैनेजर ने पुलिस को बताया कि साल 2022 में उनकी कंपनी का ट्रेलर गेवरा से कोयला लोड कर घुटकू स्थित वाशरी के लिए निकला था। इस दौरान ड्राइवर बसंत ने अपने मालिक शारदा राठौर के साथ मिलकर मोहतराई स्थित मौर्या कोल डिपो के मालिक रोमी मौर्य से मिलीभगत कर अच्छा क्वालिटी का कोयला उतार लिया। फिर वजन बराबर करने के लिए ट्रेलर में घटिया क्वालिटी का कोयला लोड कर दिया।
कोल वाशरी में ड्राइवर द्वारा कोयला लेकर पहुंचने पर उसकी जांच कराई गई। जांच में कोयले की गुणवत्ता खराब पाई गई, जिसके बाद ड्राइवर से पूछताछ की गई। डर के कारण ड्राइवर ने सच्चाई बता दी। इसके बाद पुलिस ने ड्राइवर बसंत, वाहन मालिक शारदा राठौर सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, पार्षद बंधु मौर्य का बेटा और कोल डिपो संचालक रमाकांत उर्फ रोमी मौर्य फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी दो साल से तलाश शुरू कर रखी थी। रविवार को पुलिस को जानकारी मिली कि वह अपने घर पर है। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया।









