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छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का गौ सत्याग्रह

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छत्तीसगढ़ गौ सत्याग्रह

गौठानों को पुनः चालू कराने और किसानों की फसल सुरक्षा के लिए सड़कों पर उतरे कांग्रेसी

रायपुर (ओम दर्पण)

छत्तीसगढ़ में मवेशियों के खेतों में घुसकर धान की फसल को नुकसान पहुंचाने की समस्या से त्रस्त किसानों की पीड़ा को आवाज देने के लिए कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार, 16 अगस्त को पूरे प्रदेश में गौ सत्याग्रह का आयोजन किया। इस प्रदेशव्यापी आंदोलन का उद्देश्य किसानों की फसल की सुरक्षा सुनिश्चित करने और गौठानों को फिर से चालू कराने के लिए सरकार पर दबाव बनाना था।

राजधानी रायपुर में तेज बारिश के बीच कांग्रेस पार्टी का गौ सत्याग्रह बड़े जोर-शोर से शुरू हुआ। कांग्रेस भवन से निकली इस रैली का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने किया। उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता सत्यनारायण शर्मा और अमितेश शुक्ल भी कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे थे। रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने आवारा मवेशियों को पकड़कर कलेक्टोरेट ले जाने का प्रयास किया, जहां उनका इरादा था कि इन मवेशियों को बांधकर सरकार को समस्या की गंभीरता से अवगत कराया जाए।

पुलिस और कांग्रेसियों में तीखा टकराव:
जैसे ही रैली आकाशवाणी चौक पहुंची, पुलिस ने कांग्रेसियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी झूमा-झटकी शुरू हो गई। PCC चीफ दीपक बैज खुद इस टकराव में शामिल हुए और बेरिकेड्स तोड़ने का प्रयास किया। हालांकि, कुछ देर बाद पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए प्रदर्शनकारियों को रोक दिया और यहीं पर कांग्रेस का प्रदर्शन समाप्त हो गया।

गौठानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा:
प्रदर्शन के बाद दीपक बैज ने कहा, “हमारा संघर्ष यहीं खत्म नहीं होगा। गौवंश की रक्षा के लिए हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे। प्रदेश भर में गौठानों के बंद होने से मवेशियों की समस्या विकराल हो गई है। सरकार को जगाने और किसानों की पीड़ा को सामने लाने के लिए हमने आज यह गौ सत्याग्रह किया है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश में गौवंश की मौतें लगातार बढ़ रही हैं, और इसके लिए सरकार की लापरवाही जिम्मेदार है।

अन्य जिलों में भी गूंजा सत्याग्रह का स्वर:
रायपुर के अलावा, प्रदेश के अन्य जिला मुख्यालयों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गौ सत्याग्रह के तहत प्रदर्शन किया। आमदी नगर पंचायत कार्यालय के सामने कांग्रेसियों ने पूर्ववर्ती गोधन न्याय योजना को बंद करने का विरोध करते हुए जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस भी हुई। विधायक ओंकार साहू की मौजूदगी में यह प्रदर्शन हुआ, जिसमें उन्होंने किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।

कांग्रेस पार्टी ने इस गौ सत्याग्रह के माध्यम से प्रदेश सरकार को चेतावनी दी है कि यदि गौठानों को पुनः चालू नहीं किया गया और मवेशियों की समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो उनका आंदोलन और तेज होगा। कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि गौवंश की सुरक्षा और किसानों के हित में वह किसी भी हद तक जाने को तैयार है। प्रदेश भर में इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में गहरी नाराजगी और संघर्ष का जज्बा देखने को मिला, जो आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति को नई दिशा दे सकता है।

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