
दंतेवाड़ा (कौशल संदुजा)।
नक्सल गतिविधियों के खिलाफ दंतेवाड़ा पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। जिले में 6 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें 5 महिला नक्सलियों के साथ एक पुरुष नक्सली भी शामिल है। यह सभी नक्सली लोन वर्राटू अभियान से प्रभावित होकर समाज की मुख्य धारा में शामिल होने का निर्णय लिया है। इस जानकारी को दंतेवाड़ा के एएसपी स्मृतिक राजनाला ने मीडिया से साझा किया।
दंतेवाड़ा पुलिस के लोन वर्राटू अभियान का असर अब जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी दिखने लगा है। एएसपी स्मृतिक राजनाला ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों ने शासन और पुलिस प्रशासन के सामने खुद को समर्पित किया है। दंतेवाड़ा सीआरपीएफ 231 बटालियन की टीम का इस सफलता में अहम योगदान रहा।
इस आत्मसमर्पण में कुल 6 नक्सली शामिल हैं। इनमें से 5 महिला नक्सलियों और एक पुरुष नक्सली का नाम निम्नलिखित है:
- हुंगा ऊर्फ हरेंद्र कुमार माड़वी (उम्र 30 साल)
- पद: मिलिशिया कमांडर, बुरगुम पंचायत के मिलिशिया डिप्टी कमांडर
- आयते मुचाकी (उम्र 38 साल)
- शांति ऊर्फ जिम्मे कोर्राम (उम्र 28 साल)
- हुंगी सोड़ी (उम्र 29 साल)
- हिड़मे मरकाम (उम्र 30 साल)
- पद: डंडकारण्य आदिवासी किसान मजदूर संगठन (डीएकेएमएस) की उपाध्यक्ष
- जोगी सोड़ी (उम्र 35 साल)
लोन वर्राटू अभियान का प्रभाव:
एएसपी स्मृतिक राजनाला के अनुसार, लोन वर्राटू अभियान का दंतेवाड़ा जिले में अब तक बेहतरीन असर पड़ा है। इस अभियान के तहत अब तक 900 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें से 212 नक्सलियों पर नकद इनाम घोषित था। इस अभियान का उद्देश्य नक्सलियों को हिंसा के रास्ते से हटा कर समाज की मुख्यधारा में लाना है। “लोन वर्राटू” शब्द गोंडी भाषा से लिया गया है, जिसका अर्थ है “घर वापस आइए”।
आर्थिक सहायता और पुनर्वास नीति:
सरेंडर करने वाले नक्सलियों को छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के तहत 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त, उन्हें राज्य सरकार द्वारा अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।









