दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव ने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि जिला प्रशासन द्वारा मान्यता प्राप्त कर्मचारी संघ के पत्रों की लगातार अनदेखी की जा रही है। संघ ने पिछले कई महीनों में जिला स्तरीय विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित करने के लिए 11 बार पत्र लिखे, लेकिन इन सभी पत्रों को नजरअंदाज किया गया है।

अनदेखी से गहराया संकट
संघ के जिलाध्यक्ष यादव ने बताया कि जिला स्तरीय विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठक पिछले कई वर्षों से नहीं हुई है। इस निष्क्रियता के कारण कर्मचारियों एवं अधिकारियों से संबंधित कई महत्वपूर्ण मामले लंबित पड़े हैं। इसमें विभागीय पदोन्नति, समयमान वेतनमान, क्रमोन्नति, सेवानिवृत्ति उपरांत देय स्वत्वों का समय पर भुगतान न होना जैसे मुद्दे शामिल हैं।
कर्मियों की अटकी फाइलें
बैठक न होने के कारण पेंशन प्रकरण, मेडिकल बिल, यात्रा भत्ता देयक और मातृत्व अवकाश व संतान पालन अवकाश के भुगतान में भी लगातार देरी हो रही है। इसके अलावा, विभागीय जांच प्रकरणों का निपटारा भी समय पर नहीं हो पा रहा है, जिससे कर्मचारियों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है।
भानु प्रताप यादव ने यह भी बताया कि शासन के नियमानुसार मान्यता प्राप्त संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ हर तीन माह में परामर्शदात्री समिति की बैठक बुलाने के स्पष्ट निर्देश हैं। विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ 8-2/1-9/2006 दिनांक 27/10/2006 में यह निर्देश स्पष्ट रूप से दिए गए हैं। इसके बावजूद दुर्ग जिला प्रशासन इन निर्देशों का पालन नहीं कर रहा है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष दुर्ग और कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन दुर्ग के मीडिया प्रभारी भानु प्रताप यादव ने एक बार फिर कलेक्टर महोदय दुर्ग को पत्र प्रेषित कर इन निर्देशों के अनुसार शीघ्र बैठक बुलाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कर्मचारियों की समस्याओं पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया, तो उनका आक्रोश और बढ़ सकता है।









