ऊर्जा एवं जल संरक्षण पर कार्यशाला में कृषकों को मिला 'सौर समाधान ऐप' का मार्गदर्शन
OM Darpan
Nov 22, 2024 08:38 pm
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22 Nov 2024
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दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
ऊर्जा एवं जल संरक्षण के प्रति कृषकों को जागरूक करने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र अंजोरा, दुर्ग में अर्द्ध-दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में कृषकों को ऊर्जा एवं जल संरक्षण के आधुनिक तरीकों से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में पशुचिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन महाविद्यालय दुर्ग के वैज्ञानिक विकास खुने ने ऊर्जा व जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला और कृषि में नई तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया। विषय विशेषज्ञ कामधेनु विश्वविद्यालय अंजोरा की डॉ. निशा शर्मा ने किसानों को फसल चक्र परिवर्तन के महत्व पर चर्चा की और गर्मियों में धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों को अपनाने का सुझाव दिया। डॉ. रोशन लाल साहू ने जल मितव्ययता व विपरीत परिस्थितियों में फसल बीमा कराने और टपक व स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली के उपयोग की जानकारी दी।
क्रेडा विभाग के कार्यपालन अभियंता भानुप्रताप ने 'सौर समाधान ऐप' की जानकारी प्रदान की, जिसका विमोचन 18 नवंबर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा बस्तर में किया गया था। इस ऐप के माध्यम से किसान विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, आवेदन कर सकते हैं, और क्रेडा अधिकारियों द्वारा संयंत्रों की कार्यशीलता की ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी संभव है।
के. वॉय एनर्जी के यतेश वर्मा ने ऊर्जा दक्ष पंपों का प्रदर्शन कर ऊर्जा बचत के तरीकों पर जानकारी दी। इस मौके पर उपस्थित किसानों ने ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग करने और जल संरक्षण के प्रति संकल्प लिया।
कार्यक्रम में क्रेडा से नितेश बन्छोर, दिनेश चंद्रा, हरीश श्रीवास्तव, विक्की चौधरी, और यामिनी देवांगन सहित अन्य स्टाफ भी उपस्थित रहे। कार्यशाला में 50 से अधिक किसानों ने भाग लिया और फसल परिवर्तन, जल संरक्षण एवं ऊर्जा दक्ष पंप के उपयोग से संबंधित जानकारी प्राप्त की।
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