13 सितम्बर 2026 |
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परसा कोयला खदान में अवैध पेड़ कटाई का विरोध कर रहे आदिवासियों पर लाठीचार्ज, छत्तीसगढ़ सरकार अदानी के दबाव में – छत्तीसगढ़ जन संघर्ष मोर्चा

OM Darpan

Oct 18, 2024 06:09 am 145 views
परसा कोयला खदान पेड़ कटाई परसा कोयला खदान पेड़ कटाई परसा कोयला खदान पेड़ कटाई   दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)। दुर्ग के विभिन्न संगठनों और पर्यावरण प्रेमी नागरिकों ने हसदेव अरण्य क्षेत्र में परसा कोयला खदान के लिए अवैध पेड़ों की कटाई और विरोध कर रहे आदिवासी समुदाय पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ दुर्ग में विरोध प्रदर्शन किया। चंद्रभान सिंह ठाकुर ने जानकारी दी कि सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के ग्राम साल्ही और आस-पास के अन्य गांवों के साथ-साथ सूरजपुर जिले के जनार्दनपुर और अन्य क्षेत्रों में परसा कोल खदान परियोजना को लेकर गुरुवार की सुबह तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस की भारी मौजूदगी में इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई का कार्य जारी है, जिसका विरोध ग्रामीण और हसदेव अरण्य बचाओ संघर्ष समिति के सदस्य कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा (मज़दूर कार्यकर्ता समिति) के कलादास डहरिया ने कहा कि हसदेव अरण्य पांचवी अनुसूची क्षेत्र में शामिल है। इसके बावजूद पेसा कानून और आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करते हुए पेड़ों की कटाई शुरू की गई। विरोध कर रहे आदिवासी समुदाय के लोगों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया, जिसमें हसदेव अरण्य बचाओ संघर्ष समिति के सदस्य रामलाल करियाम घायल हुए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव से पहले हसदेव में कोयला खदान को भ्रष्टाचार बताया था, लेकिन अब सत्ता में आकर इसे अनदेखा कर रही है। संदीप पटेल ने कहा कि परसा कोयला खदान के लिए हो रही पेड़ों की कटाई पूरी तरह अवैध है। इसके लिए फर्जी ग्राम सभा करवाई गई थी। 2021 में तत्कालीन राज्यपाल अनुसुईया उईके ने फर्जी ग्राम सभा की जांच के आदेश दिए थे, और जांच में साबित हुआ कि खनन की सहमति का प्रस्ताव ग्राम सभा की बैठक के बाद उच्च अधिकारियों के दबाव में जोड़ा गया। बावजूद इसके, फर्जी ग्राम सभा करवाने वाले अधिकारियों पर कोई कार्यवाही नहीं की गई और निर्दोष आदिवासियों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है। ज़िला किसान संघ (राजनांदगाँव) के महेश साहू ने कहा कि लगभग 6000 पेड़ों की कटाई की जा रही है, जिससे लगभग 140 हेक्टेयर जंगल का सफाया होगा ताकि परसा कोल ब्लॉक का कार्य शुरू हो सके। 26 जुलाई 2022 को विधानसभा में सर्वानुमति से हसदेव में आवंटित सभी कोल ब्लॉक रद्द करने का संकल्प पारित किया गया था, लेकिन अब उस संकल्प का उल्लंघन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ जन संघर्ष मोर्चा के वी.एन प्रसाद राव ने कहा कि केंद्र सरकार के संस्थान "भारतीय वन्य जीव संस्थान" ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि हसदेव अरण्य में कोयला खनन से हसदेव नदी और बांगो बांध के अस्तित्व पर संकट उत्पन्न होगा। प्रदेश में मानव-हाथी संघर्ष बढ़ जाएगा। इसके बावजूद खनन परियोजना को बढ़ावा देना आत्मघाती कदम है। दुर्ग कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री और राज्यपाल को ज्ञापन देने के दौरान वी.एन प्रसाद राव, संदीप पटेल, चंद्रभान सिंह ठाकुर, महेश साहू, कलादास डहरिया, पवन, गीत ढहरिया, आदिवासी मातृशक्ति संगठन से चंद्रकला तारम, उमा सिंह, चंद्रिका रावत, छत्तीसगढ़ महिला मुक्ति मोर्चा से नीता ढहरिया और कामेश्वरी उपस्थित रहे।
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