2 अक्टूबर 2026 |
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गुरु अरजन देव जी की शहादत पर देशभर में 40 दिवसीय सुखमनी साहिब पाठों का समापन, भिलाई में सेवा और समर्पण का भाव छलका

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OM Darpan

May 31, 2025 06:29 am 309 views
गुरु अरजन देव जी की शहादत पर देशभर में 40 दिवसीय सुखमनी साहिब पाठों का समापन, भिलाई में सेवा और समर्पण का भाव छलका
  दुर्ग (लोकेश्वर सिंह ठाकुर)।  

सिखों के पंचम गुरु, गुरु अरजन देव जी के शहीदी पर्व पर आज भारत के सभी गुरुद्वारों में सुबह 12 बजे एक साथ 40 दिवसीय सुखमनी साहिब पाठ का समापन हुआ। इस आयोजन का उद्देश्य था—गुरुओं की शिक्षा के अनुसार देशहित में जीवन समर्पित करने का संकल्प लेना।

भिलाई के गुरुद्वारा श्री गुरु अरजन देव जी में भव्य आयोजन

दिनांक 30/05/2025 शुक्रवार को हाउसिंग बोर्ड गुरुद्वारा, औद्योगिक क्षेत्र, भिलाई में श्रद्धापूर्वक शहीदी पर्व मनाया गया। संगत ने गुरु जी की शीतलता और त्याग से प्रेरित होकर अपने जीवन को समाज और राष्ट्र की सेवा में समर्पित करने का प्रण लिया।

40 दिनों तक रोज हुआ पाठ, अरदास में शांति और सुरक्षा की कामना

21/04/2025 से हर दिन शाम 4 से 6 बजे तक सुखमनी साहिब पाठ का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने गुरु अरजन देव जी की शहादत को याद करते हुए परिवार, समाज और देश में सुख-शांति व सुरक्षा के लिए अरदास की।

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कीर्तन और कथा से गुरु की महिमा का गायन

पाठ की समाप्ति पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के रागियों द्वारा सजाए गए कीर्तन दरबार में गुरु जी की कुर्बानियों और परमात्मा की महिमा का गायन किया गया। श्रद्धालु भावविभोर होकर गुरु की कथा सुनते रहे।

चना-शर्बत और कढ़ाह प्रसाद का वितरण

हाउसिंग बोर्ड गुरुद्वारा में राहगीरों के लिए चना और मीठे शर्बत का वितरण किया गया। कार्यक्रम के अंत में गुरु को भोग लगाकर कढ़ाह प्रसाद सभी श्रद्धालुओं में बाँटा गया।

गुरु की शहादत: त्याग, तप और शांति का प्रतीक

गुरु अरजन देव जी को शांति और ब्रह्मज्ञान का प्रतीक माना जाता है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब में सर्वाधिक वाणी उन्हीं की है। सभी धर्मों के प्रति उनके मन में प्रेम था।
परंतु जब जहाँगीर दिल्ली का शासक बना, तो उसके धार्मिक दृष्टिकोण से गुरु जी के कार्य उसे स्वीकार नहीं थे। 28 अप्रैल 1606 को उन्हें परिवार सहित बंदी बनाया गया, लाहौर (अब पाकिस्तान) ले जाकर अमानवीय यातनाएँ दी गईं।
गर्म तवे पर बैठाकर ऊपर से तपती रेत डाली गई, लेकिन गुरु जी ने शांत भाव से हर पीड़ा सहन की और कहा—
"तेरा भाणा मीठा लागे, हरि नाम पदारथ नानक मांगे।"

समाज और पर्यावरण के प्रति सेवा का संकल्प

शहीदी पर्व के अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री गुरु अर्जुन देव जी के अध्यक्ष जसवीर सिंह सैनी और कमेटी के सदस्यों ने प्रण लिया कि वे देशहित, समाज, पर्यावरण, स्वच्छता, सुरक्षा, अज्ञानता, भुखमरी और गरीबी जैसी समस्याओं के निराकरण हेतु कार्य करेंगे।
इस आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय संगत ने तन, मन, धन से अपना योगदान दिया।

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