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प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से बरसों का घर का सपना हुआ साकार

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OM Darpan

Nov 24, 2024 01:59 am 254 views
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दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)। ग्राम पंचायत मोहलई, ब्लॉक धमधा के निवासी रामाधार, एक साधारण किसान, वर्षों से कच्चे मकान में जीवन बिता रहे थे। उनका सपना था कि अपने परिवार के लिए एक पक्का घर बनाएँ, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते यह सपना अधूरा रह गया था। समय बीतने पर उनके बेटे अमर की भी शादी हो गई, और मकान की समस्या और गंभीर हो गई। अमर सिंह बताते हैं, "मेरा कच्चा मकान बहुत पुराना था, जिसके ऊपर पन्नी डालकर बरसात में जैसे-तैसे जीवन गुजार रहे थे। बरसात के दिनों में छत से टपकते पानी, मिट्टी का फर्श और चारों ओर कीचड़—यह सब मेरे जीवन का हिस्सा बन गया था।"   प्रधानमंत्री आवास योजना ने दिलाया पक्का मकान अमर सिंह को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) वर्ष 2020-21 के अंतर्गत आवास स्वीकृत होने की सूचना मिली। योजना के तहत उन्हें 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई। साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत 90 दिनों का रोजगार भी मिला। इसके अलावा उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर भी प्रदान किया गया। कुछ समय बाद उनके बैंक बचत खाते में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पहली किश्त की राशि 25 हजार रुपये, दूसरी किश्त 40 हजार रुपये, तीसरी किश्त 40 हजार रुपये और अंत में 15 हजार रुपये की राशि जमा हो गई। खुशहाली की नई शुरुआत अमर सिंह अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहते हैं, "देखते ही देखते मेरा पक्का मकान तैयार हो गया। अब हम अपने परिवार सहित उसी आवास में खुशी-खुशी रह रहे हैं। मैं शासन का बहुत आभारी हूँ, जिन्होंने हम जैसे गरीबों के बारे में सोचा और घर बनाने के लिए धनराशि सीधे मेरे खाते में जमा करवाई। इससे मेरी अंधेरी जिंदगी में नई रोशनी आई।" प्रधानमंत्री आवास योजना ने रामाधार और अमर सिंह के परिवार को एक नया जीवन दिया है। अब वे अपने पक्के मकान में सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन बिता रहे हैं। यह कहानी उन लाखों परिवारों की प्रेरणा है, जो अभी भी अपने सपनों के घर की तलाश में हैं।
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