दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
गया नगर में इस वर्ष भी सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति द्वारा नवरात्रि के 9 दिनों तक मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजन और आरती की गई। विजयदशमी के दिन रामलीला मंचन के साथ 50 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। दुर्गा नवमी पर भव्य भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों लोगों ने महाप्रसादी ग्रहण की। रविवार को माता दुर्गा की भव्य विसर्जन यात्रा निकाली गई, जिसमें दुर्गा, काली, शिव, और हनुमान जैसे देवी-देवताओं के रूप धारण किए कलाकारों ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किए। भक्तों ने अपने गाल छिद्र कर बाना धारण किया, जो विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
विसर्जन यात्रा गया नगर से मुख्य मार्ग होते हुए चंडी मंदिर चौक तक पहुंची और कोष्टा तालाब में माता दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इस धार्मिक उत्सव में सैकड़ों लोग शामिल हुए। इससे पहले दुर्गा नवमी के दिन भंडारे में भी सैकड़ों भक्तों ने महाप्रसाद ग्रहण किया।
दशहरा उत्सव के अंतर्गत आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में नगर निगम के पूर्व सभापति दिनेश देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता वार्ड पार्षद लीना देवांगन ने की। रामलीला में राम, लक्ष्मण, हनुमान, अंगद, रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ की भूमिकाएं निभाने वाले कलाकारों का पूजन कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। रामायण की चौपाइयों और दोहों के साथ रावण का मंचन हुआ। अंत में, भगवान श्रीराम द्वारा छोड़े गए तीर से अहंकारी रावण के पुतले का दहन कर राम नाम का जयघोष किया गया।
दिनेश देवांगन ने अपने संबोधन में कहा कि “प्रभु श्रीराम हमारे आदर्श हैं और रावण अहंकार का प्रतीक है। दशहरा केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति को जीवंत रखने का माध्यम है।”
इस आयोजन में प्रमुख रूप से समिति के रोहित जंघेल, चंद्रशेखर सैलाब, रामसजीवन शर्मा, उत्तम साहू, जीतू चंद्राकर, सनकी राजपूत, सोनू राजपूत, केदार ठाकुर, सन्नी शर्मा, सूरज तिवारी, भरत ठाकुर, लक्ष्मी साहू, महेश साहू, रमेश मिश्रा, दउवा राजपूत, धनराज सोनी, दुर्गेश यदु, चंद्रेश साहू, राजा शर्मा, लोकेश साहू, गजेंद्र यादव, शक्ति चौहान, सोनू सेन, विजय साहू, सतीश राजपूत, हनी शर्मा, साजन साहू, मोहन सपहा, राकेश ठाकुर समेत बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।










