रायपुर |
राजधानी के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। युवक की मौत को पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला माना है। जांच में सामने आया है कि मृतक को उसके ही परिचित अश्लील तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहे थे और रुपयों की मांग कर रहे थे। इसी प्रताड़ना और मानसिक दबाव में आकर युवक ने आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ नामजद अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, न्यू शांति नगर, गोरखा कॉलोनी, शंकर नगर निवासी मृतक सुदर्शन छुरा (28), पिता विष्णु छुरा को 21 अक्टूबर 2025 की शाम करीब 4:50 बजे घायल अवस्था में डीकेएस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सिर में गंभीर चोट लगना बताया गया है। डॉक्टरों ने मेडिकल रिपोर्ट में ‘डिफ्यूज एसएएच एवं एसडीएच’ (Diffuse SAH & SDH – दिमाग में गंभीर अंदरूनी रक्तस्राव) का उल्लेख किया है, जो किसी भारी आघात या गिरने से संभव है।
परिचित ही निकले गुनहगार
सिविल लाइन पुलिस ने मर्ग क्रमांक 44/2025 धारा 194 BNSS के तहत मामले की जांच की। इस दौरान मृतक की मां संजना छुरा, बहन झूमका छुरा और भाई कृष्णा छुरा सहित अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। परिजनों और पंचों ने पुलिस को बताया कि सुदर्शन को उसके कुछ परिचित लगातार परेशान कर रहे थे।
आरोपियों की पहचान लक्ष्मी नायक उर्फ पाम्पलेट, बीरू उर्फ बीरेंद्र हरपाल, संजु सैनी, सुजल और जिया निहाल के रूप में हुई है। आरोप है कि ये सभी मृतक को उसकी कथित अश्लील तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पैसों की मांग कर रहे थे। इसी डर और तनाव के चलते सुदर्शन ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध दर्ज
मर्ग जांच में आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने पाया कि आरोपियों द्वारा बनाए गए मानसिक दबाव के कारण ही युवक की जान गई। थाना सिविल लाइन पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ धारा 108 बीएनएस (आत्महत्या के लिए उकसाना) एवं धारा 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
पुलिस अब आरोपियों की कॉल डिटेल्स, सोशल मीडिया चैट, डिजिटल साक्ष्य और बैंक लेनदेन की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें हिरासत में लिया जाएगा।









