जकार्ता।
इंडोनेशिया के तट के पास एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ 280 यात्रियों से भरी एक जहाज में अचानक आग लग गई। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अपनी जान बचाने के लिए यात्रियों को समुद्र में छलांग लगानी पड़ी। इस खौफनाक मंजर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें आग की लपटों से घिरी जहाज और आसमान में उठता काले धुएं का गुबार स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। दुखद खबर यह है कि इस दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि 18 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। दुर्घटनाग्रस्त जहाज की पहचान केएम बार्सिलोना वीए (KM Barcelona VA) के तौर पर हुई है।
रविवार दोपहर को लगी आग, यात्रियों में मची अफरा-तफरी
मिली जानकारी के अनुसार, यह दुखद घटना रविवार दोपहर करीब 1.30 बजे स्थानीय समयानुसार घटी। वायरल हुए वीडियो में यात्रियों की चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल साफ देखा जा सकता है। कुछ यात्री तो अपने छोटे बच्चों के साथ भी आग से बचने के लिए समुद्र में कूद पड़े। वीडियो में चमकीले नारंगी रंग की लाइफ जैकेट पहने यात्री पानी में तैरते दिख रहे हैं, जबकि जहाज तेजी से आग की चपेट में आता जा रहा है।
बचाव के लिए कई जहाज मौके पर पहुंचे
घटना की जानकारी मिलते ही राहत व बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया। केएम बार्सिलोना III, केएम वेनेसियन व केएम कैंटिका लेस्तारी 9एफ नामक तीन बड़े जहाजों को तत्काल घटनास्थल पर रवाना किया गया।
कर्मचारियों ने यात्रियों की मदद की
एक अन्य वीडियो फुटेज में जहाज के डेक पर भारी भीड़ दिखाई दे रही है, जहाँ जहाज के कर्मचारी यात्रियों को नाव से कूदने से पहले लाइफ जैकेट पहनाने में मदद करते नजर आ रहे हैं। आग इतनी भीषण थी कि इसने जहाज को अंदर से बाहर तक पूरी तरह से जलाकर राख कर दिया। नीले व सफेद रंग का यह जहाज अब जलकर काले मलबे में तब्दील हो चुका है।
18 घायल, कुछ यात्री अब भी लापता
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हादसे में अब तक 18 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है, जबकि कुछ यात्रियों के अभी भी लापता होने की आशंका जताई जा रही है, जिनकी तलाश जारी है। नॉर्थ सुलावेसी रीजनल डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी के सेक्रेटरी जेरी हार्मनसिना ने स्थानीय न्यूज आउटलेट डेटिक को जानकारी देते हुए बताया कि आग तालिस द्वीप के पास लगी।
हाल ही में प्रशांत महासागर में डूबा था 3000 गाड़ियों से लदा जहाज
आपको बता दें कि इसी महीने की शुरुआत में प्रशांत महासागर में भी एक मालवाहक जहाज ‘द मॉर्निंग मिडास’ आग लगने के बाद डूब गया था। इस जहाज पर करीब 3000 गाड़ियां लदी हुई थीं, जिनमें लगभग 800 इलेक्ट्रिक वाहन शामिल थे। अमेरिकन कोस्ट गार्ड द्वारा जारी की गई तस्वीरों में जहाज के पिछले हिस्से में इलेक्ट्रिक गाड़ियों से भरे डेक से धुएं का बड़ा गुबार उठता हुआ देखा गया था, जिसकी पुष्टि शिपिंग कंपनी जोडियाक मैरीटाइम ने भी अपने बयान में की थी। तमाम कोशिशों के बावजूद इस जहाज को बचाया नहीं जा सका और यह 3000 गाड़ियों के साथ समुद्र में समा गया।









