Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

रायपुर स्थित कामाख्या मंदिर में 22 जून से पांच दिवसीय अंबुवाची योग पूजा

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

 

  • 26 को माता की पालकी यात्रा और तांत्रिक मंच्चोचार के साथ हवन

 

 
रायपुर । 

राजधानी रायपुर में गुवाहटी मां कामाख्या मंदिर के तर्ज पर हर साल 22 से 26 जून तक अंबुवाची योग पूजा की जाती है। यह मंदिर देवेंद्र नगर नारायणा अस्पताल रोड लगी फोकटपारा में स्थित है । जिसकी स्थापना आज से 58 साल पहले मां कामाख्या के उपासक आचार्य पं. हीरेंद्र विश्वकर्मा ने की । माता स्वयंभू प्राक्टय है। कोपटपारा स्थित कामाख्या मंदिर में हर साल की तरह इस साल भी 22 जून से 26 जून तक पांच दिवसीय अंबुवाची पूजा होगी । 22 जून को विधि विधान से गणेश , कच्छप, गौरी गणेश कलश, नौ कलश चक्र, नवग्रह, चर्तुदिक शिवलिंग, चौसठ योगिनी, षोेडशमातृका, सप्तघृत मातृका, क्षेत्रपाल चक्र, वास्तु चक्र, पंच लोकपाल, दस दिगपाल की गुवाहटी मंदिर की तरह पूजा होगी। 22 जून को मां कामाख्या की पूजा अर्चना का बाद तीन दिन के लिए पट बंद हो जाएगी। इस दरम्यान 22, 23 और 24 जून को जसगीत , दुर्गा सप्त सती पाठ, सुंदर कांड का पाठ होगा। वहीं 25 जून की रात माता कामाख्या का पट खोला जाएगा। माता का षोडषोउचार के साथ स्नान के बाद भन्य श्रृगार होगा। 26 जून को मां कामाख्या मंदिर में दोपहर 1 बजे हवन के बाद कलश के साथ माताएं कलशयात्रा के रूप में माता के रथ के आगे -आगे चलेंगी। माता की पालकी रथ में 5 घोड़े के साथ निकलेगी जो फोकटपारा से होते हुए देवेंद्र नगर थाना क्षेत्र से होते हुए वापस मंदिर में पहुंचेगी।इसके बाद कुंवारी कन्या पूजन होगा, जहां माता स्वरूप में विराजित माता का पूजन होगा। उसके साथ जितनी में छोटी कन्या होगी उनका भी माता स्वरूप में पूजन होगा। उसके बाद माता को भोग लगाया जाएगा। फिर प्रसादी वितरण होगा। मंदिर में इस मंदिर में देश-प्रदेश के बड़े-बड़े राजनेता, समाजसेवी और सामान्यजन माथा टेक कर मनोरथ की सिद्धि प्राप्त किए है। गुवाहटी की तरह ही पांच दिवसीय अंबुवाची योग पूजा में माता कामाख्या की तांत्रिक मंत्रोच्चार के साथ हवन पूजन हो रहा है। इस मंदिर की विशेषता यहीं है कि यहां जो भी आया वो खाली हाथ नहीं लौटा है। मंदिर प्रबंधन समिति ने समस्त श्रद्धालुओ् से अपील की है कि इस अंबुवाची पूजा में शामिल होवे और हवन में पांच-पांच आहूति देकर अपनी मनोरथ सिद्धि औऱ मनोकामना पूर्ण करें।

omdarpanprmot-01
previous arrow
next arrow