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वन्य जीव अधिनियम का उल्लंघन करने पर तीन साल तक की सजा और जुर्माना
जगदलपुर (कौशल संदुजा)।
वन मंडलाधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि तोते और अन्य अनुसूचित पक्षियों को कैद में रखना या उनकी खरीद-बिक्री करना वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 के तहत एक गंभीर अपराध है। उन्होंने बताया कि इस अपराध के लिए तीन साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
वन विभाग की ओर से निर्देश दिया गया है कि जिन भी लोगों के पास ऐसे पक्षी या वन्य जीव हैं, वे आगामी सात दिनों के भीतर उदय सिंह, वनपाल, जो लामनी पार्क के बर्ड्स एविएरी के प्रभारी अधिकारी हैं, से संपर्क करें। इन्हें तुरंत जगदलपुर स्थित लामनी पार्क के बर्ड्स एविएरी में सौंपने के लिए कहा गया है।
गुप्ता ने कहा कि जो पक्षी स्वस्थ हैं और जिन्हें उनके प्राकृतिक रहवास क्षेत्र में छोड़ा जा सकता है, उन्हें जल्द से जल्द संबंधित अधिकारी या किसी अन्य वन अधिकारी के समक्ष छोड़ दिया जाए। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि किसी भी जगह पर यदि इन पक्षियों की खरीद-बिक्री या उन्हें घर में पालने का प्रयास किया जा रहा है, तो तुरंत सूचना दें।









