अंबिकापुर (पंकज शुक्ला)।
आज छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी CM टीएस सिंह देव ने जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद महाराज से मुलाकात की। यह भेंट न केवल एक आध्यात्मिक अनुभव था, बल्कि धर्म और न्याय पर गहन चर्चा का अवसर भी था। इस अवसर पर महाभारत के श्लोक “यतः कृष्णस्ततो धर्मो यतो धर्मस्ततो जयः” पर विशेष ध्यान दिया गया।
इस श्लोक का अर्थ है कि जहाँ धर्म है, वहाँ विजय निश्चित है, और जहाँ श्रीकृष्ण हैं, वहाँ धर्म की स्थापना होती है। यह संदेश सुप्रीम कोर्ट और सुरगुजा राज्य के प्रतीक चिन्ह का हिस्सा भी है, जो धर्म और न्याय की सर्वोच्चता को दर्शाता है।
शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद महाराज ने टीएस सिंह देव को धर्म और न्याय की रक्षा की अहमियत याद दिलाई। उन्होंने कहा कि धर्म की सेवा और न्याय की रक्षा हर व्यक्ति का कर्तव्य है। उन्होंने यह भी बताया कि धर्म की धारा को जीवन और कार्यों में बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
महाभारत के इस श्लोक “धर्मो रक्षति रक्षितः” की भावना को स्वीकारते हुए, टीएस सिंह देव ने इस मुलाकात को एक प्रेरणादायक और आध्यात्मिक अनुभव के रूप में वर्णित किया।









