Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

जामुल में सुशासन तिहार 2026: दिव्यांग किशन को मिली ट्राई-साइकिल

Sushasan Tihar 2026

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

दुर्ग/ जामुल (ओमदर्पण न्यूज़)।

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित ’सुशासन तिहार-2026’ आम जनता की समस्याओं के त्वरित और संवेदनशील समाधान का एक सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। सुशासन का असली मतलब तब सार्थक होता है जब जनहितैषी योजनाएं फाइलों से निकलकर सीधे जरूरतमंदों के हाथों तक पहुँचती हैं। प्रशासन की इसी संवेदनशीलता की एक जीवंत झलक दुर्ग जिले की नगर पालिका जामुल (वार्ड क्रमांक 13, मंगल भवन) में आयोजित शिविर में देखने को मिली।

omdarpan-add
previous arrow
next arrow
newspaperediting
previous arrow
next arrow
omdarpanprmot-01
previous arrow
next arrow

 

बरसों की लाचारी और स्वाभिमान की कशमकश

जामुल के वार्ड क्रमांक 16 के निवासी किशन मानिकपुरी लंबे समय से शारीरिक दिव्यांगता के कारण आवागमन की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। सुबह उठने से लेकर दैनिक कार्यों और किसी आकस्मिक परिस्थिति में आने-जाने तक, उन्हें हर छोटी-बड़ी जरूरत के लिए दूसरों का मुंह ताकना पड़ता था। उनका स्वाभिमान इस परावलंबन से रोज कशमकश करता था, लेकिन इस लाचारी से बाहर निकलने का उनके पास कोई साधन नहीं था।

सुशासन तिहार से बदला जीवन, मौके पर ही मिला अधिकार

सुशासन तिहार किशन मानिकपुरी के जीवन में खुशियों की नई किरण लेकर आया। शिविर के बारे में पता चलते ही किशन अपनी एक छोटी सी आस लेकर मंगल भवन पहुंचे और ट्राई-साइकिल के लिए आवेदन किया। प्रशासन ने उनके आवेदन पर बेहद संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल कार्रवाई की। मौके पर ही नगर पालिका अध्यक्ष ईश्वर ठाकुर के हाथों किशन को चमचमाती हुई ट्राई-साइकिल प्रदान की गई।

👉 सुशासन तिहार और छत्तीसगढ़ सरकार की अन्य जनहितैषी योजनाओं से जुड़ी विस्तृत खबरें पढ़ने के लिए omdarpan.com पर यहाँ क्लिक करें

बिजली कटौती पर सवाल पूछना पड़ा भारी, AE ने पत्रकार को कहा ‘फालतू’

“हैंडल हाथ में आते ही लौट आया खोया हुआ आत्मविश्वास”

ट्राई-साइकिल मिलने के बाद भावुक होते हुए किशन ने कहा, “जैसे ही ट्राई-साइकिल का हैंडल मेरे हाथ में आया, मेरा खोया हुआ आत्मविश्वास लौट आया। अब मुझे अपने छोटे-छोटे कामों या किसी भी आपातकालीन स्थिति में कहीं आने-जाने के लिए किसी के इंतजार की जरूरत नहीं पड़ेगी।”

किशन मानिकपुरी ने बरसों पुरानी लाचारी का इतनी फुर्ती से मौके पर ही समाधान होने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्थानीय शासन-प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया। यह सफलता दर्शाती है कि सुशासन तिहार अपने नाम के अनुरूप समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक और क्रांतिकारी बदलाव लाने का सच्चा माध्यम बन चुका है।

omdarpanprmot-01
previous arrow
next arrow