

रोहतक।
हरियाणा की सुनारिया जेल में बलात्कार और हत्या के आरोप में सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर 21 दिनों की फरलो मिली है। यह फरलो राम रहीम को 11वीं बार दी गई है। मंगलवार सुबह साढ़े 6 बजे के करीब, राम रहीम जेल से बाहर आए और बागपत जिले के बरनावा डेरा आश्रम पहुंच गए।
वीडियो संदेश में अपील
जेल से बाहर आने के बाद, गुरमीत राम रहीम ने यूट्यूब के माध्यम से अपने अनुयायियों को एक वीडियो संदेश भेजा। वीडियो में, राम रहीम ने अपने अनुयायियों से अनुरोध किया कि वे आश्रम में उनके दर्शन के लिए न आएं। उन्होंने कहा, “आपको अपने-अपने घरों में रहना है और सेवा करनी है, जैसा सेवादार भाई बताएंगे। मालिक बहुत-बहुत खुशियां दें।”
सुरक्षा के पुख्ते इंतजाम
राम रहीम के बागपत आश्रम में पहुंचने के बाद, जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ते इंतजाम किए हैं। सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
राम रहीम को पिछली बार जनवरी 2024 में 50 दिनों की पैरोल दी गई थी। इसके बाद, उन्होंने जून 2024 में हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें 21 दिनों की फरलो की मांग की गई थी। हाई कोर्ट ने फरलो की मंजूरी दी, हालांकि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इसके खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
जेल के नियम और पूर्व की सजा
जेल मैनुअल के अनुसार, एक दोषी को एक साल में 70 दिन की पैरोल मिल सकती है। राम रहीम को अगस्त 2017 में बलात्कार के आरोप में 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। जनवरी 2019 में, पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने उसे और तीन अन्य आरोपियों को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
गुरमीत राम रहीम की इस बार की फरलो ने उनके अनुयायियों और समाज में गहरी चर्चा पैदा कर दी है। यह फरलो उनकी कुल 205 दिनों की पैरोल और फरलो की अवधि में शामिल है। जेल प्रशासन और सुरक्षा बलों की निगरानी के साथ, यह देखना होगा कि इस बार की फरलो के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो।









