बेमेतरा।
350 साल शहीदी गुरु तेग बहादुर साहिब जी को समर्पित एक भव्य शहीदी नगर कीर्तन 3 अक्टूबर को रायपुर से शुरू हुआ और आज 4 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के बेमेतरा स्थित गुरु नानक प्रवेश द्वार पर पहुंचा। इस ऐतिहासिक यात्रा का बेमेतरा के सिक्ख समाज ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
यह नगर कीर्तन 3 अक्टूबर को रायपुर से अपनी यात्रा पर निकला था। रास्ते में इसने छत्तीसगढ़ के कई प्रमुख शहरों जैसे भिलाई, दुर्ग, राजनांदगांव, डोंगरगढ़ और खमरिया से होते हुए आज बेमेतरा में प्रवेश किया। यात्रा के दौरान रास्ते में भी श्रद्धालुओं ने इसका स्वागत किया और गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत को नमन किया।

बेमेतरा में हुआ भव्य स्वागत
गुरु नानक प्रवेश द्वार पर नगर कीर्तन के पहुंचने पर बेमेतरा के सिक्ख समाज ने जोरदार तैयारियां की थीं। वरिष्ठ समाज सेवक अमृतधारी इंदर सिंह दत्ता ने गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज को पुष्प माला भेंटकर सभी समाज के भले की अरदास की। उन्होंने पांच प्यारे सिंघ का भी माला भेंटकर स्वागत किया।
आयोजन और जिम्मेदारियां
इस स्वागत समारोह की जिम्मेदारी बेमेतरा जिला अध्यक्ष हरदीप सिंह छाबड़ा ने इंदर सिंह दत्ता को सौंपी थी, जिसका उन्होंने बखूबी निर्वहन किया। इस अवसर पर कई प्रमुख समाज सेवक और सदस्य उपस्थित थे, जिन्होंने इस धार्मिक आयोजन में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की।
इस आयोजन में राजा सचदेव, प्रिंस दत्ता, शुभदीप अजमानी, गुरप्रीत, अंशु बग्गा, समाज सेवक गुरप्रीत कौर, शैली छाबड़ा, सुरिंदर कौर, बबली कौर दत्ता और हरजीत कौर सहित बड़ी संख्या में सिक्ख समाज के सदस्य शामिल थे। सभी ने मिलकर इस पवित्र नगर कीर्तन का स्वागत किया और गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत को याद किया।









