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कबीरधाम के जीताटोला की रहने वाली पूर्णिमा के खाते में आए 29 हजार रुपये
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बच्चों की पढ़ाई और दवाइयों के खर्च के लिए अब नहीं फैलाना पड़ता हाथ
कबीरधाम। कबीरधाम जिले के ग्राम जीताटोला की रहने वाली गृहणी पूर्णिमा मानिकपुरी के लिए महतारी वंदन योजना जीवन बदलने वाली साबित हुई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना ने उन्हें न केवल आर्थिक संबल दिया है, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई पहचान भी दी है।
एक समय था जब पूर्णिमा के लिए घर की छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करना भी एक बड़ी चुनौती थी। परिवार की सीमित आय के कारण बच्चों की पढ़ाई, कॉपी-किताब और अचानक आने वाले इलाज के खर्चों के लिए उन्हें परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भर रहना पड़ता था।
अब तक पूर्णिमा को योजना के तहत 29 किस्तों के माध्यम से कुल 29 हजार रुपये प्राप्त हो चुके हैं। हर महीने सीधे बैंक खाते में आने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि ने उनके परिवार के मासिक बजट को संतुलित कर दिया है और आर्थिक दबाव को काफी कम किया है।
आर्थिक तंगी से मिली बड़ी राहत
पूर्णिमा बताती हैं कि पहले बच्चों की पढ़ाई के लिए कॉपी-किताब खरीदना या घर का जरूरी सामान लाना मुश्किल होता था। अचानक दवा की जरूरत पड़ने पर पैसों की चिंता सताने लगती थी, लेकिन अब हर महीने मिलने वाली राशि से ये सभी जरूरी काम समय पर हो जाते हैं।
आत्मनिर्भरता से बढ़ा आत्मसम्मान
योजना ने पूर्णिमा को अपने निर्णय स्वयं लेने का साहस दिया है। वे मुस्कुराते हुए कहती हैं कि अब उन्हें छोटी जरूरतों के लिए किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ती। वे अब परिवार की जिम्मेदारियों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं और बच्चों की छोटी खुशियों को पूरा कर पा रही हैं।
सम्मान और भरोसे का नया आधार
पूर्णिमा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना महिलाओं के लिए सम्मान की नई पहचान बन गई है। यह सहायता राशि हर महीने एक भरोसेमंद सहारा बनकर आती है, जो महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।









