राजनांदगांव। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों के भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) इवेंट में छत्तीसगढ़ की होनहार खिलाड़ी ज्ञानेश्वरी यादव ने अपनी ताकत का लोहा मनवाया है। ज्ञानेश्वरी ने 53 किलोग्राम भार वर्ग में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही प्रदेश के खेल जगत में हर्ष की लहर दौड़ गई है। ज्ञानेश्वरी की इस उपलब्धि को राज्य की खेल प्रतिभाओं के लिए एक बड़े मील के पत्थर के रूप में देखा जा रहा है।
विश्व पटल पर चमकी राजनांदगांव की बेटी
प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव की इस स्वर्णिम सफलता पर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मंत्री राजवाड़े ने कहा कि राजनांदगांव की इस होनहार बेटी ने विश्व मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर न केवल भारत, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने ज्ञानेश्वरी की सफलता को प्रदेश की बेटियों की प्रतिभा, अटूट मेहनत और आत्मविश्वास का एक सशक्त और प्रेरणादायी उदाहरण करार दिया।
महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल बनीं ज्ञानेश्वरी
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आगे कहा कि ज्ञानेश्वरी की यह जीत साबित करती है कि यदि मन में दृढ़ संकल्प, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का जज्बा हो, तो किसी भी वैश्विक लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने प्रदेश की हजारों युवतियों को ज्ञानेश्वरी से प्रेरणा लेकर बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए प्रोत्साहित किया। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार बेटियों को खेलों में बेहतर अवसर, प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने ज्ञानेश्वरी की इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।









