-
नेशनल हाईवे-2 पर आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति ठप
-
कांगपोकपी और इम्फाल वेस्ट की सीमा पर हाई अलर्ट
-
कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी का सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम
इम्फाल।
पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में शांति बहाली की कोशिशों के बीच एक बार फिर जातीय तनाव गहरा गया है। नागा संगठनों द्वारा जारी अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकाबंदी के विरोध में मंगलवार को कुकी समुदाय के प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर भारी विरोध प्रदर्शन किया। इम्फाल वेस्ट और कांगपोकपी जिले की सीमा पर उस समय स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई, जब लगभग 200 कुकी प्रदर्शनकारी नाकाबंदी के खिलाफ मार्च निकालते हुए आगे बढ़ने लगे। हालांकि, मौके पर मुस्तैद सुरक्षाबलों ने समय रहते प्रदर्शनकारियों को रोक लिया, जिससे एक बड़ी हिंसक झड़प टल गई। फिलहाल पूरे इलाके में भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कांगपोकपी जिले के मोटबुंग और गामगिफाई इलाके से लगभग 200 कुकी प्रदर्शनकारी गामगिफाई में एकत्रित हुए। यहाँ से इन प्रदर्शनकारियों ने इम्फाल वेस्ट के कांगलाटोंगबी क्षेत्र के नामदिलोंग की ओर कूच करना शुरू किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नागा संगठनों की नाकाबंदी के कारण आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सुरक्षाबलों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदर्शनकारियों को गामगिफाई से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अतिरिक्त बल तैनात कर दोनों पक्षों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी है।
छह नागा नागरिकों की हत्या के बाद उपजा विवाद
गौरतलब है कि इस पूरे तनाव की जड़ में पिछले दिनों हुई छह नागा नागरिकों की हत्या है। इन हत्याओं के विरोध में नागा सिविल सोसायटी संगठनों ने नेशनल हाईवे-2 (NH-2) पर व्यापक आर्थिक नाकाबंदी कर रखी है। इस नाकाबंदी का सीधा असर कांगपोकपी जिले में आवश्यक वस्तुओं और दवाओं की आपूर्ति पर पड़ा है। पिछले सप्ताह भी हालात उस समय बिगड़ गए थे जब सुरक्षा बलों ने कुकी नागरिकों को सुरक्षा घेरे में इस मार्ग से निकालने का प्रयास किया था, जिसमें हुई झड़प के दौरान कई प्रदर्शनकारी घायल हुए थे। इसी गतिरोध के कारण कुकी समुदाय में भारी नाराजगी व्याप्त है।
इलाके में दवाओं और रोजमर्रा की चीजों की भारी कमी के बीच कुकी-जो संगठन ‘कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी’ (CoTU) ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। संगठन ने केंद्र और मणिपुर सरकार को शनिवार आधी रात से 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। संगठन की मुख्य मांग है कि कांगपोकपी जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय और अंतरराज्यीय राजमार्गों पर आवश्यक वस्तुओं और जीवन रक्षक दवाओं की निर्बाध आवाजाही तुरंत सुनिश्चित की जाए। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर समाधान नहीं निकला, तो विरोध प्रदर्शनों को और अधिक उग्र किया जाएगा।









