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धान खरीदी में भारी अव्यवस्था, टोकन और बारदाने के लिए भटक रहे किसान

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OM Darpan

Nov 26, 2025 03:02 am 285 views
धान खरीदी में भारी अव्यवस्था, टोकन और बारदाने के लिए भटक रहे किसान

 
  • कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने किया ढौर (जामुल) केंद्र का निरीक्षण

  • सरकार पर लगाए धान खरीदी से बचने के आरोप

दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का महापर्व शुरू हुए 10 दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन खरीदी केंद्रों में अव्यवस्थाओं का आलम थमने का नाम नहीं ले रहा है। दुर्ग जिले के कई केंद्रों पर किसान खराब बारदाने, टोकन की अनुपलब्धता और कंप्यूटर ऑपरेटरों की कमी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। इन शिकायतों के बीच कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने ढौर (जामुल) धान खरीदी केंद्र का निरीक्षण किया और वहां मौजूद किसानों की समस्याएं सुनीं।

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चंद मिनटों में फुल हो रहा ऑनलाइन कोटा

 

निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि किसान सबसे ज्यादा टोकन व्यवस्था से परेशान हैं। राकेश ठाकुर ने बताया कि ऑनलाइन टोकन ऐप सुबह 9.30 बजे खुलता है, लेकिन महज 10 से 15 मिनट के भीतर सभी समितियों का कोटा फुल हो जाता है। इस तकनीकी बाधा के चलते समितियों से किसानों को मैनुअल (ऑफलाइन) टोकन भी नहीं मिल पा रहे हैं। नतीजा यह है कि किसान अपनी उपज बेचने के लिए केंद्र पहुंचते तो हैं, लेकिन मायूस होकर उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा है। मांग की गई है कि टोकन लिमिट तत्काल बढ़ाई जाए।

सरकार की मंशा पर सवाल: धान खरीदी से बचने का आरोप

 

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने राज्य की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की कीमत और प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी के वादे से बचना चाहती है। आरोप है कि खरीदी केंद्रों में जानबूझकर अव्यवस्था निर्मित की गई है ताकि खरीदी की गति धीमी रहे। ठाकुर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में 27 लाख 68 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है और लक्ष्य 160 लाख मीट्रिक टन का है, लेकिन मौजूदा हालात सरकार की अरुचि को दर्शाते हैं।

ऑपरेटरों की चुनावी ड्यूटी से बढ़ा संकट

 

किसानों की परेशानी का एक बड़ा कारण नियमित कंप्यूटर ऑपरेटरों की अनुपस्थिति भी है। सरकार ने सेवा सहकारी समितियों के ऑपरेटरों की ड्यूटी चुनाव आयोग की एसआईआर (SIR) प्रक्रिया में लगा दी है। इसके चलते एग्री स्टैक (Agri Stack) पंजीयन, ब्याज अनुदान और पीआरपी चढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य ठप पड़े हैं। कई किसानों का खसरा नंबर लिंक नहीं हो पा रहा है।

खराब बारदानों की मार

 

निरीक्षण में पाया गया कि सोसाइटियां मिलर्स द्वारा भेजे गए खराब क्वालिटी के बारदानों से भी परेशान हैं। बारदानों की कमी के कारण भी तौलाई का काम प्रभावित हो रहा है। इस दौरान ठाकुर ने उच्च अधिकारियों से चर्चा कर समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया। निरीक्षण के समय पूर्व पालिका अध्यक्ष सरोजनी चन्द्राकर, ब्लॉक अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर, सुनीता चेनेवार, करीम ख़ान, राम प्यारी वर्मा, चंद्रशेखर शर्मा, डॉ. अशोक वर्मा, कमलेश साहू, कैलाश नाहटा, ओनी महिलांग, गोपी निर्मलकर, टनेंद्र ठाकरे और श्रीकांत वर्मा उपस्थित थे।

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