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मीना बाजार के संचालन में नियमों की अनदेखी: जनता कांग्रेस जे पार्टी के सम्भागीय अध्यक्ष नवनीत चांद ने सुरक्षा को ले कर उठाए सवाल

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जगदलपुर।

जगदलपुर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बाजारों के लिए गुमास्ता एक्ट के तहत दुकानों के खुलने और बंद होने का समय निश्चित है, लेकिन इन दिनों चल रहे मीना बाजार के लिए किसी प्रकार का नियम कानून लागू नहीं किया जा रहा है। जनता कांग्रेस जे पार्टी के सम्भागीय अध्यक्ष नवनीत चांद ने इस मामले पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर के सभी छोटे-बड़े दुकानदारों को उनके निर्धारित समय पर दुकानें खोलने और बंद करने का पालन करना पड़ता है, लेकिन मीना बाजार रात के निर्धारित समय के बाद भी खुला रहता है। क्या यह मान लिया जाए कि निगम, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा मीना बाजार को नियमों से छूट दी गई है?

नवनीत चांद ने कहा, “अगर ऐसा है, तो शहर के अन्य दुकानदारों को भी त्यौहार के इस समय में रात को दुकानें खुली रखने की छूट मिलनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं है और कोई कानून है, तो वह सभी पर समान रूप से लागू क्यों नहीं हो रहा है?” उन्होंने सवाल उठाया कि जब शहर में गुमास्ता एक्ट के तहत समय निर्धारित है, यहां तक कि धार्मिक आयोजनों, धरनों, और सभाओं के लिए भी नियम और समय निर्धारित है, तो फिर मीना बाजार को नियमों का उल्लंघन करने की अनुमति क्यों दी जा रही है?

उन्होंने आगे कहा कि “बस्तर दशहरा के समय लाखों की भीड़ जमा होती है, और बिना नियमों का पालन किए बाजार संचालित करना खतरनाक हो सकता है। यदि मीना बाजार के लिए प्रशासन द्वारा विशेष छूट दी जा रही है, तो यह अन्य बाजारों पर भी लागू होनी चाहिए।”

सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए, नवनीत चांद ने कहा कि “हाथरस की घटना के पश्चात केंद्रीय एसओपी के तहत भीड़ को नियंत्रित और सुरक्षित रखने के मापदंड जरूरी हैं। ऐसे में बस्तर दशहरा के दौरान इस तरह से भीड़भाड़ वाले बाजार के संचालन की अनुमति देना चिंता का विषय है।”

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि “प्रशासनिक बल की कमी के बावजूद, मीना बाजार के संचालन के लिए बड़ा प्रशासनिक बल तैनात किया जा रहा है, जो इसे एक ‘प्रशासनिक बाजार’ का रूप देता है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ मांग करती है कि बस्तर वासियों के हित में मीना बाजार की एंट्री गेट मुफ्त की जाए, ताकि बस्तर दशहरा की कामयाबी में बाजार संचालक भी अपना योगदान सुनिश्चित कर सकें।”

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