मुंबई/बेमेतरा । बीते शुक्रवार शाम मुंबई के सेंट्रल स्थित गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा कॉन्फ्रेंस हॉल में छत्तीसगढ़ सिख समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में समाज सेवा और गुरमत (गुरु के उपदेश) के प्रचार-प्रसार को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया, जिसे सामाजिक उत्थान की दिशा में एक अहम कदम बताया गया।
इस विशेष अवसर पर छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से समाजसेवी और छत्तीसगढ़ सिख समाज के प्रभारी एवं बेमेतरा जिला अध्यक्ष हरदीप सिंह राजा छाबड़ा को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। बैठक में लगभग 100 सदस्यों की उपस्थिति दर्ज की गई, जिन्होंने समाज हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए।

नशामुक्ति और शिक्षा पर विशेष जोर
बैठक के दौरान कई गंभीर और ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा हुई। इनमें शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए उसे बढ़ावा देने, नौजवानों को नशे की लत से दूर कर नशामुक्ति की राह पर लाने तथा संगत (समुदाय) को गुरमत से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही, सामाजिक कार्यों में सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का भी संकल्प लिया गया।
गुरु के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना संकल्प: राजा छाबड़ा
अपने संबोधन में हरदीप सिंह राजा छाबड़ा ने कहा, “गुरु के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना तथा समाज को सेवा और एकता के मार्ग पर आगे बढ़ाना ही मेरा संकल्प है।” उन्होंने समाज के सभी वर्गों से एकजुट होकर सामाजिक सरोकारों के लिए काम करने का आह्वान किया। इस बैठक को सामाजिक एकजुटता और उत्थान के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है।









