
नवापारा राजिम।
भीषण गर्मी में पक्षियों की प्यास बुझाने और उनके संरक्षण के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई, नवापारा ने “हमर चिरई, हमर चिन्हारी” अभियान के अंतर्गत “सकोरा अभियान” की शुरुआत की। इस पहल के तहत नगर के विद्यालयों और महाविद्यालयों में सकोरे रखकर उनमें दाना और पानी की व्यवस्था की गई।
पक्षियों के लिए जीवनदायिनी पहल
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य और नगर मंत्री दीपक साहू ने बताया कि जैसे-जैसे गर्मी का मौसम तेज़ होता जा रहा है, वैसे ही पशु-पक्षियों के लिए पानी की उपलब्धता एक चुनौती बन रही है। इस समस्या को समझते हुए अभाविप ने सकोरा अभियान की पहल की है। उन्होंने कहा, “अभाविप सिर्फ शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एस.एफ.डी. और सेवार्थ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक दायित्व भी निभा रहा है।”
“छोटी-छोटी पहल, बड़े बदलाव का जरिया”
नगर सहमंत्री कुंदन सोनकर ने कहा कि गर्मी के समय जल के अभाव के कारण पक्षियों को जीवित रहना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा, “ऐसी छोटी पहलें भी पक्षियों के लिए जीवनदायिनी सिद्ध होती हैं।”
पर्यावरण संरक्षण की पुकार
कार्यालय मंत्री कुनाल साहू ने पेड़-पौधों की कटाई पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे वन्य प्राणियों और पक्षियों का जीवन प्रभावित हो रहा है। “हमें सबको मिलकर पर्यावरण की रक्षा करनी चाहिए,” उन्होंने कहा।
हर हाथ से हो प्रयास
अभियान संयोजक और कोषाध्यक्ष अभिषेक कंसारी ने बताया कि यह मौसम पक्षियों के लिए बेहद तकलीफदेह होता है। उन्होंने अपील की कि, “हर व्यक्ति अगर एक सकोरा पानी और कुछ दाने छायादार स्थान पर रखे, तो यह पक्षियों के जीवन बचाने की दिशा में एक सार्थक कदम होगा।”
पक्षियों का संरक्षण, पर्यावरण का संतुलन
महाविद्यालय प्रमुख सागर सोनी ने कहा कि पशु-पक्षी पर्यावरण संतुलन में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ पक्षियों की प्रजातियां तो विलुप्ति की कगार पर हैं।
“जल है तो कल है” – जल संरक्षण की अपील
खेलों भारत प्रमुख धर्मेंद्र साहू ने जल संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि भविष्य के लिए जल का सीमित उपयोग और संरक्षण अनिवार्य है।
समर्पित युवा, समाज के लिए प्रेरणा
इस अभियान में सोशल मीडिया प्रमुख चेतन साहू, कैंपस मंत्री शुभ यादव, लक्की साहू, टामेश्वर निर्मलकर, सोम निर्मलकर, पंकज साहू और कुनाल साहू सहित अन्य कार्यकर्ता सक्रिय रूप से शामिल रहे।









