बिलासपुर.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को बिलासपुर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में नवनिर्मित ‘वंदे मातरम् उद्यान’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने उद्यान में स्थापित नगर के 25 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की नाम पट्टिकाओं का अनावरण भी किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारजनों से मुलाकात की और उन्हें शॉल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। साय ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने जिस अदम्य साहस और देशभक्ति के साथ अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष किया, उनका त्याग और बलिदान अविस्मरणीय रहेगा। वे हमारे राष्ट्रगौरव हैं।
‘युवाओं में राष्ट्रप्रेम सुदृढ़ करेगी यह पहल’
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उद्यान और नाम पट्टिकाएं केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि हमारे इतिहास का सजीव दस्तावेज हैं, जिसे देखकर हर नागरिक गर्व महसूस करेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं और आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करेगी।
बिरसा मुंडा जयंती पर विशेष आयोजन
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती के अवसर पर यह विशेष आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह दिन उन सेनानियों के अमूल्य योगदान को स्मरण करने का है, जिनके बलिदानों से हमें आजादी मिली।
बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल ने कहा कि स्थानीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को समर्पित यह देश का पहला उद्यान है, जो स्थानीय वीरों को सम्मान देने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
स्मार्ट सिटी ने किया है निर्माण
बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा निर्मित इस उद्यान का नाम ‘वंदे मातरम्’ गीत की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में रखा गया है। शिव टाकीज चौक से पुराने बस स्टैंड चौक तक विस्तारित इस उद्यान में टहलने की सुविधा, फाउंटेन और हरियाली की व्यवस्था की गई है।
25 सेनानियों के नाम हैं अंकित
उद्यान में कुल 25 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की नाम पट्टिकाएँ लगाई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से स्व. ठाकुर छेदीलाल बैरिस्टर, रामगोपाल तिवारी, चित्रकांत जायसवाल, डॉ. वासुदेव देवरस, कालीचरण तिवारी, ई. राघवेंद्र राव बैरिस्टर, क्रांति कुमार भारती, बाल सेनानी गंगा प्रसाद वाजपेयी तथा डॉ. भगवान दास ताहिलयानी सहित अन्य के नाम शामिल हैं।
इस अवसर पर महापौर पूजा विधानी, विधायक धर्मलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, धर्मजीत सिंह, नगर निगम सभापति विनोद सोनी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजन और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।









