बादलदार चीतों के संरक्षण के लिए भारत ने बनाई विशेष कार्य योजना
OM Darpan
Aug 04, 2026 11:20 pm
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04 Aug 2026
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पूर्वोत्तर भारत के जंगलों में वैज्ञानिक निगरानी और सामुदायिक भागीदारी पर रहेगा जोर
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कोयंबटूर में आयोजित राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की बैठक में जारी हुई विस्तृत कार्य योजना
तकनीक और विज्ञान से होगी निगरानी
इस योजना के तहत कैमरा ट्रैप, जेनेटिक्स और एनवायरनमेंटल डीएनए (ईडीएनए) जैसी आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इससे प्रजातियों और उनकी आवास संबंधी आवश्यकताओं की बेहतर समझ विकसित होगी। अवैध शिकार रोकने के लिए जमीनी स्तर पर तैनात कर्मचारी एम-स्ट्राइप्स स्मार्ट एप्लिकेशन का उपयोग करेंगे।14 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान
सरकार ने पूर्वोत्तर भारत में 14 ऐसे क्षेत्रों को चिह्नित किया है जहां संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। एकीकृत वन्यजीव आवास विकास (आईडीडब्ल्यूएच) योजना के प्रजाति पुनर्प्राप्ति कार्यक्रम के तहत बादलदार चीता को शामिल कर इसके संस्थागत ढांचे को और मजबूत किया गया है, जिससे गलियारा संरक्षण में मदद मिलेगी।भविष्य की रणनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग
यह कार्य योजना न केवल स्थानीय समुदायों को आजीविका से जोड़कर संरक्षण में भागीदार बनाएगी, बल्कि पड़ोसी देशों के साथ सीमा पार सहयोग को भी प्रोत्साहित करेगी। जलवायु अनुकूलनशीलता को ध्यान में रखते हुए बादलदार चीतों के आवासों और भूदृश्यों की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए समन्वित दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है।जरूरी खबरें
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