IIT रुड़की दीक्षांत समारोह: लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि ने छात्रों को दिया 'DHARA' मंत्र
OM Darpan
आर्मी वाइस चीफ और एनएसए अजीत डोभाल ने भविष्य की तकनीक और राष्ट्रीय सुरक्षा के तालमेल पर दिया जोर
रुड़की। रुड़की स्थित आईआईटी के दीक्षांत समारोह में आर्मी स्टाफ के वाइस चीफ लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने छात्रों को बदलती दुनिया और भविष्य की चुनौतियों के प्रति सजग किया। उन्होंने वैश्विक स्तर पर हो रहे बदलावों को समझाने के लिए 'DHARA' नाम का एक विशेष सूत्र साझा किया।
लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि के अनुसार 'DHARA' का अर्थ बड़ा बदलाव (Disruptive), बहुत ज्यादा जुड़ाव (Hyper-connectedness), असमानता (Asymmetry), फिर से तालमेल बैठाना (Realignment) और स्वायत्तता (Autonomy) है। उन्होंने छात्रों से कहा कि हालात के अनुसार खुद को ढालना और हमेशा जिज्ञासु बने रहना आवश्यक है।
तकनीकी जुड़ाव और सुरक्षा चुनौतियां
वाइस चीफ ने बदलते परिवेश में तकनीक सीखने, पुरानी चीजों को भूलने और नई चीजों को अपनाने की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया केवल व्हाट्सएप या सोशल मीडिया से ही नहीं, बल्कि वित्तीय सिस्टम, एयरलाइंस, नेटवर्क और एनर्जी सिस्टम के जरिए भी गहराई से जुड़ी हुई है। हालांकि, उन्होंने इस अत्यधिक जुड़ाव के साथ आने वाली कमजोरियों के प्रति भी आगाह किया।
समारोह के दौरान भविष्य के इंजीनियरों और टेक्नोलॉजिस्ट से ऐसी तकनीक विकसित करने की अपील की गई, जो कठिन परिस्थितियों में भी मजबूती से काम कर सके। लेफ्टिनेंट जनरल ने युवाओं से देश के लिए सुरक्षित और आत्मनिर्भर तकनीक बनाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में तकनीक और राष्ट्रीय सुरक्षा का संबंध और अधिक गहरा होगा।
दीक्षांत समारोह को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने भी संबोधित किया। डोभाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा, सशस्त्र बलों और प्रमुख तकनीकी संस्थानों के बीच बढ़ते तालमेल की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने युवाओं को भविष्य की राष्ट्रीय सुरक्षा की धुरी बताया।
जरूरी खबरें
विज्ञापन