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Strait of Hormuz पर टोल लगाएगा ईरान? अमेरिका से बातचीत के बीच बड़ा संकेत

Strait of Hormuz पर ईरान का टोल संकेत

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Strait of Hormuz को लेकर ईरान ने बड़ा संकेत दिया है। ईरान ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में दी जाने वाली सेवाओं के लिए उचित मूल्य लेना सामान्य बात है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने सीधे तौर पर टोल या टैक्स लगाने की बात से इनकार किया है, लेकिन मंत्रालय के बयान से भविष्य में ऐसी संभावना से पूरी तरह इनकार भी नहीं किया जा रहा है।

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तेहरान (ओमदर्पण न्यूज़)।

ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह भविष्य में होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz  में किसी तरह की सेवा शुल्क व्यवस्था लागू कर सकता है। यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में गिना जाता है, इसलिए ईरान की ओर से दिए गए किसी भी संकेत पर वैश्विक स्तर पर नजर रहती है।

‘सेवाओं के लिए उचित मूल्य लेना सामान्य बात’

सोमवार को ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का प्रबंधन पूरी तरह से तटीय देशों के अधिकार क्षेत्र में आता है। बाघेई ने साफ कहा कि ईरान यहां कोई टोल नहीं वसूलेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो सेवाएं दी जाएंगी, उनके लिए उचित मूल्य लेना सामान्य बात है।

बाघेई के इस बयान को इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि सीधे तौर पर टोल से इनकार करने के बावजूद उन्होंने सेवा शुल्क जैसी व्यवस्था की संभावना को पूरी तरह नकारा नहीं है। ईरान की भाषा में यह अंतर भविष्य की नीति की ओर संकेत माना जा रहा है। यही वजह है कि Strait of Hormuz  को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा फिर से तेज हो गई है।

अमेरिका-ईरान समझौते पर सकारात्मक चर्चा

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर सकारात्मक खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच इस्माइल बाघेई ने कहा कि ईरान सुरक्षा और अपने हितों की रक्षा के लिए स्ट्रेट के आसपास स्थित देशों के संपर्क में है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका की प्रतिबद्धताओं की कोई गारंटी नहीं है और ईरान किसी भी धमकी की परवाह नहीं करता।

बाघेई ने हालिया बदलावों का जिक्र करते हुए बताया कि इस मध्यस्थता में पाकिस्तान के अलावा अन्य देशों का शामिल होना एक खास बात रही है। इसके अलावा मौजूदा बातचीत में लेबनान संघर्ष को समाप्त करने से जुड़ा एक प्रावधान भी शामिल किया गया है। इस कारण यह बातचीत केवल एक मुद्दे तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा और व्यापक राजनीतिक समझौते से भी जुड़ती दिखाई दे रही है।

परमाणु मुद्दे पर अभी चर्चा नहीं

ईरानी प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल अमेरिका-ईरान वार्ता में परमाणु मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हो रही है। अभी पूरा ध्यान केवल संघर्ष को समाप्त करने पर केंद्रित है। बाघेई ने यह आशंका भी जताई कि इस्राइल इस शांति बातचीत को कमजोर करने की कोशिश कर सकता है।

ईरान की ओर से यह बयान ऐसे समय आया है, जब पश्चिम एशिया में तनाव और कूटनीतिक हल दोनों को लेकर लगातार हलचल बनी हुई है। Strait of Hormuz  को लेकर ईरान की स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह क्षेत्र सुरक्षा, व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति से सीधे जुड़ा हुआ है। ऐसे में ईरान की ओर से दिया गया हर बयान वैश्विक राजनीति में असर डाल सकता है।

मार्को रूबियो का बड़ा बयान

ईरानी प्रवक्ता का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने सोमवार को एक अहम जानकारी दी। रूबियो ने कहा कि ईरान के साथ चल रही बातचीत को लेकर आज कोई बड़ी खबर सामने आ सकती है। उनके अनुसार, रविवार को दोनों देशों के बीच समझौता नहीं हो सका था, लेकिन इसे बहुत बड़ी बात नहीं मानना चाहिए।

मार्को रूबियो के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के सामने एक बेहद मजबूत प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर तय समय के भीतर गंभीर बातचीत शुरू करने की बात मुख्य रूप से शामिल है। अमेरिका की कोशिश है कि बातचीत आगे बढ़े और क्षेत्र में तनाव कम हो।

भविष्य की नीति पर सबकी नजर

फिलहाल ईरान ने सीधे तौर पर टोल लगाने से इनकार किया है, लेकिन सेवाओं के बदले उचित मूल्य लेने वाली बात ने नई चर्चा को जन्म दे दिया है। अगर भविष्य में ईरान इस दिशा में कोई कदम उठाता है, तो इसका असर केवल क्षेत्रीय देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर भी दिखाई दे सकता है।

कुल मिलाकर Strait of Hormuz  पर ईरान का यह बयान केवल एक सामान्य सफाई नहीं, बल्कि भविष्य की रणनीति का संकेत भी माना जा रहा है। अमेरिका-ईरान बातचीत, क्षेत्रीय सुरक्षा और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों के बीच अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में ईरान अपने रुख को किस दिशा में आगे बढ़ाता है।

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