14 सितम्बर 2026 |
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श्री सीमेंट परियोजना का विरोध: खैरागढ़ में हजारों किसानों का उग्र प्रदर्शन, पुलिस ने भांजी लाठियां

OM Darpan

Dec 07, 2025 06:16 am 320 views
श्री सीमेंट परियोजना का विरोध: खैरागढ़ में हजारों किसानों का उग्र प्रदर्शन, पुलिस ने भांजी लाठियां

  • सण्डी चूना पत्थर खदान के खिलाफ 200 ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे ग्रामीण

  • एसडीएम कार्यालय का घेराव, 11 की जनसुनवाई रद्द करने की मांग, मुख्य मार्ग जाम

खैरागढ़/कवर्धा.

खैरागढ़ जिले में प्रस्तावित श्री सीमेंट परियोजना और सण्डी चूना पत्थर खदान के विरोध में शनिवार को स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। हजारों की संख्या में सड़कों पर उतरे ग्रामीणों और किसानों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान भारी भीड़ के आगे कुछ पुलिसकर्मी पीछे हटते भी नजर आए। प्रदर्शनकारियों ने राजनांदगांव-कवर्धा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

बैरिकेडिंग तोड़ पैदल आगे बढ़े किसान

शनिवार को 200 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर हजारों ग्रामीण छुईखदान की ओर रवाना हुए। प्रशासन ने छुईखदान की सीमा पर रैली को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया था, लेकिन ग्रामीणों का हुजूम नहीं रुका। पुलिस द्वारा रोके जाने पर ग्रामीण ट्रैक्टर छोड़कर पैदल ही एसडीएम कार्यालय की ओर बढ़ गए। यहां उन्होंने नारेबाजी करते हुए आगामी 11 दिसंबर को प्रस्तावित जनसुनवाई को तत्काल रद्द करने की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

39 गांवों का लिखित विरोध

आंदोलनकारियों का दावा है कि प्रस्तावित खदान क्षेत्र के 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 39 गांवों ने परियोजना के खिलाफ लिखित आपत्ति दर्ज कराई है। सण्डी, पंडारिया, विचारपुर और भरदागोड़ ग्राम पंचायतों ने ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित कर स्पष्ट कर दिया है कि वे चूना पत्थर खदान को मंजूरी नहीं देंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन प्रभावित गांवों की वास्तविक राय को नजरअंदाज कर रहा है और जनसुनवाई की प्रक्रिया अपारदर्शी है।

आजीविका और जलस्रोतों पर संकट

प्रदर्शन कर रहे किसानों ने तर्क दिया कि सीमेंट प्लांट और खदान शुरू होने से क्षेत्र के जलस्रोत सूख जाएंगे, जिससे खेती और पशुपालन पूरी तरह नष्ट हो जाएगा। पर्यावरण को होने वाले नुकसान और अस्तित्व के संकट को देखते हुए ग्रामीण किसी भी समझौते के मूड में नहीं हैं। एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन देने के बाद आक्रोशित भीड़ ने राजनांदगांव-कवर्धा नेशनल हाईवे को जाम कर दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई।

प्रशासन अलर्ट, भारी पुलिस बल तैनात

हालात बिगड़ते देख पुलिस अधीक्षक (एसपी) समेत जिले के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग और लाठीचार्ज करना पड़ा। फिलहाल मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक जनसुनवाई रद्द नहीं होती और परियोजना वापस नहीं ली जाती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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