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कोरबा के ग्राम दादर खुर्द में योजना का दिख रहा सकारात्मक प्रभाव
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हितग्राही ने समय की बचत और सुविधा पर जताई खुशी
✍️ विशेष संवाददाता
कोरबा | प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के लिए जीवन को सुगम बनाने का बड़ा जरिया बन रही है। स्वच्छ ईंधन की पहुंच ने परिवारों की रसोई की तस्वीर बदल दी है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के ग्राम दादर खुर्द की पुष्पा बाई एक प्रमुख उदाहरण हैं। कभी लकड़ी और सिगड़ी पर निर्भर रहने वाली पुष्पा बाई के लिए अब गैस चूल्हे पर खाना बनाना रोजमर्रा के कार्यों को आसान बनाने का माध्यम बन गया है, जिससे उनके जीवन की मुश्किलें काफी कम हुई हैं।
गीली लकड़ी और धुएं की परेशानी हुई खत्म
पुष्पा बाई के अनुसार, उज्ज्वला योजना का लाभ मिलने से पहले उन्हें भोजन तैयार करने के लिए सिगड़ी और लकड़ी पर ही निर्भर रहना पड़ता था। लकड़ी का इंतजाम करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था और बरसात के मौसम में गीली लकड़ियों के कारण सिगड़ी जलाना और भी कठिन हो जाता था। धुएं के बीच घंटों काम करना उनके दैनिक जीवन का एक हिस्सा था, जिसमें समय और मेहनत दोनों अधिक खर्च होते थे। गैस कनेक्शन मिलने के बाद अब वे जरूरत के अनुसार तुरंत भोजन तैयार कर लेती हैं, जिससे धुएं से भी मुक्ति मिली है।
समय की बचत और विष्णु के प्रति जताया आभार
रसोई में आए इस बदलाव से पुष्पा बाई को अब अन्य घरेलू कार्यों के लिए भी पर्याप्त समय मिल रहा है। उनके लिए यह सुविधा केवल खाना पकाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने उनके जीवन में एक नई सहजता का संचार किया है। योजना के फायदों से उत्साहित पुष्पा बाई ने माताओं और बहनों के स्वास्थ्य एवं जरूरतों को समझने के लिए सरकार की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से विष्णु का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस उपयोगी योजना ने महिलाओं की चिंता दूर कर उनके जीवन को पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक बना दिया है।









