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सात भाइयों के बीच जमीन के बंटवारे का विवाद बना हत्या का कारण, गांव में फैली दहशत**
मुंगेली।
मुंगेली जिले के फास्टरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बुधवारा में जमीन के बंटवारे का विवाद 25 अगस्त को खतरनाक रूप ले लिया, जब सात भाइयों के बीच चल रही रंजिश ने दो भाइयों की निर्मम हत्या का कारण बन गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोगों के बीच भय का माहौल पैदा हो गया है।
तोरण पाटले के सात बेटे – भागबली, वकील, केजू, माखन, रामबली, कौशल, और नरेंद्र, लंबे समय से अपनी पुश्तैनी जमीन के बंटवारे को लेकर आपस में झगड़ते रहे हैं। परिवार में पहले से ही गहरे मतभेद थे, जो समय के साथ और भी बढ़ते चले गए। 25 अगस्त की सुबह, जब भागबली पाटले और वकील पाटले अपने खेत में काम कर रहे थे, तब उनके विरोधी गुट के सदस्यों ने घात लगाकर हमला करने की योजना बनाई।
पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, घटना के दिन केजू पाटले, माखन पाटले, रामबली पाटले, और उनके परिवार के अन्य सदस्य लाठी-डंडों से लैस होकर खेत के पास ही छुपे हुए थे। जैसे ही भागबली, वकील, और कौशल पाटले अपने खेत से निकलकर सड़क की ओर बढ़े, उन पर अचानक हमला कर दिया गया। इस हमले में केजू पाटले ने अपने ट्रैक्टर से भागबली और वकील को कुचल दिया। भागबली की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल वकील ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गांव में घेराबंदी कर दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गिरजा शंकर जायसवाल के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल, एसडीओपी एस.आर. घृतलहरे, और थाना प्रभारी कार्तिकंश्वर जांगड़े की टीम ने गांव में तैनाती कर दी और मामले के मुख्य आरोपी केजू पाटले, चित्रलेखा, रजनी, मिनाक्षी, और माखन के बेटे को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मामले में कुल 9 आरोपियों के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, और घातक हथियारों से बलवा सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
घटना में गंभीर रूप से घायल कौशल पाटले और वकील की पत्नी संतोषी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।









