- मेप्पाडी, वायनाड में त्रासदी: राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमें
- वायनाड भूस्खलन: सैकड़ों लोगों के फंसे होने की आशंका
वायनाड (केरल)। केरल के वायनाड जिले में मेप्पाडी के पास पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की भयावह घटना सामने आई है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण अब तक 123 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 128 लोग घायल हो गए हैं। सैकड़ों लोग अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है। स्थानीय आपदा मोचन बल के जवान राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण चुनौतियाँ बढ़ रही हैं।
मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने वायनाड में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि मलप्पुरम, कोझिकोड और कनूर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। भारी बारिश से बचाव कार्य में कठिनाइयाँ हो सकती हैं।
वायुसेना और नौसेना की मदद
वायुसेना स्टेशन, सुलूर से दो हेलिकॉप्टर और नौसेना की रिवर क्रॉसिंग टीम बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के ओएसडी एस कार्तिकेयन को बचाव एजेंसियों के बीच समन्वय का काम सौंपा गया है।
उच्चायुक्तों और राजदूतों की संवेदना
ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन और इस्राइली राजदूत नाओर गिलोन ने भूस्खलन में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
एनडीआरएफ और स्थानीय बचाव दल की तत्परता
एनडीआरएफ समेत अन्य आपातकालीन प्रतिक्रिया दल लगातार खोज और बचाव अभियान में लगे हुए हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, मलबे में सैकड़ों लोग फंसे हो सकते हैं।
पर्यटकों और टैक्सी ड्राइवर की फंसे होने की खबर
वायनाड भूस्खलन में उत्तर भारत के चार पर्यटक और कर्नाटक का एक टैक्सी ड्राइवर भी फंसे हुए हैं। टैक्सी ड्राइवर सचिन गौड़ा के अनुसार, पर्यटकों में दो महिलाओं को बचा लिया गया है और एक का इलाज आईसीयू में चल रहा है। दो अन्य लापता हैं।
मुख्यमंत्री की उच्च स्तरीय बैठक
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मंगलवार को एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें बचाव कार्यों का आकलन और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। विभिन्न विभागों के शीर्ष अधिकारी और पुलिस अधिकारी इस बैठक में शामिल हुए और राहत शिविरों में स्वास्थ्य और सुरक्षा सुविधाओं की समीक्षा की गई।









