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मड़ई महज़ मेला नहीं, छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपरा और लोक संस्कृति का जीवंत उत्सव है: अशवंत तुषार साहू

Ashwant Tushar Sahu Madai Mela Raikera

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महासमुंद।

छत्तीसगढ़ की माटी में रचे-बसे मड़ई मेले केवल आयोजन भर नहीं हैं, बल्कि यह हमारी लोक संस्कृति के वाहक हैं। यह बात राष्ट्रीय तेली कर्मा सेना के संस्थापक व भाजपा किसान नेता अशवंत तुषार साहू ने कही। वे महासमुंद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रायकेरा में आयोजित पारंपरिक मड़ई मेला कार्यक्रम में बतौर अतिथि शामिल हुए थे।

ग्राम रायकेरा पहुँचने पर ग्रामीणों ने तुषार साहू का आत्मीय स्वागत किया। नेतृत्वकर्ताओं और वरिष्ठ जनों ने उन्हें चंदन का टीका लगाकर व फूल-माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया। इस दौरान एक सौहाद्रपूर्ण वातावरण में बड़े भैया बृजमोहन पटेल का जन्मदिन भी केक काटकर सेलिब्रेट किया गया, जिसमें युवाओं और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

जीवन में खुशियों का संचार है मड़ई

जनसभा को संबोधित करते हुए तुषार साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मड़ई महोत्सव को एक प्रमुख त्योहार का दर्जा प्राप्त है। यह पर्व ग्रामीणों के जीवन को खुशियों और उमंग से भर देता है। उन्होंने कहा कि यह त्यौहार न केवल मनोरंजक और मनमोहक है, बल्कि राज्य की समृद्ध परंपरा को भी नई पीढ़ी के सामने रखता है। विशेषकर गोंड जनजाति समाज के लोग इसे अटूट आस्था और उत्साह के साथ मनाते हैं। प्रदेश में मड़ई का यह सिलसिला दिसंबर से शुरू होकर मार्च माह तक अनवरत चलता है।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से ग्राम के सरपंच पवन साहू, वरिष्ठ नेता डॉ. अब्दुल वाहिद खान, नेमीचंद जसवाल, लखन यादव, जावेद खान, सुरेश, दिनेश, कार्तिक, यादराम, सुखलाल व राम जी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे।

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