नई दिल्ली।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत चेन्नई स्थित चेट्टीनाड समूह की एक कंपनी की 298 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अटैच की है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज मामले में की गई है, जो कि सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) की शिकायत पर आधारित है।
भ्रष्टाचार के आरोप में जांच
मामला 2001 में तमिलनाडु जनरेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन (टीएएनजीईडीसीओ) और साउथ इंडिया कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड (एसआईसीपीएल) के पूर्व अधिकारियों के खिलाफ दर्ज शिकायत से जुड़ा है। यह शिकायत विशाखापत्तनम बंदरगाह पर कोयला संभालने के अनुबंध में हुए भ्रष्टाचार के संबंध में है।
वित्तीय लेन-देन में बड़ी गड़बड़ी
ईडी के अधिकारियों के अनुसार, SICPL ने 2011-12 और 2018-19 के बीच विशाखापत्तनम पोर्ट ट्रस्ट को 217.31 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जबकि TANGEDCO ने SICPL को 1,126.10 करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति की। इस प्रकार, 908.79 करोड़ रुपये का अंतर सामने आया। इस अंतर के आधार पर, ईडी ने एसआईसीपीएल की 298.21 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने का अनंतिम आदेश जारी किया।
पिछले साल भी हुई थी कार्रवाई
पिछले साल अप्रैल में, ईडी ने तमिलनाडु उत्पादन और वितरण निगम (टीएएनजीईडीसीओ) के अधिकारियों और अन्य से संबंधित 10 स्थानों पर चेन्नई में छापेमारी की थी। इस दौरान, 360 करोड़ रुपये की सावधि जमा (FD) को जब्त किया गया था। यह कार्रवाई विशाखापत्तनम बंदरगाह से कोयला परिवहन के अत्यधिक भुगतान के संबंध में तमिलनाडु उत्पादन और वितरण निगम की कथित धोखाधड़ी की जांच के तहत की गई थी।









