माले (मालदीव)।
ब्रिटेन की यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मालदीव का दो दिवसीय दौरा किया, जो दोनों देशों के बीच हाल के दिनों में बनी कड़वाहट को दूर कर एक नई शुरुआत का प्रतीक बन गया। एक समय ‘इंडिया आउट’ मुहिम चलाने वाले मालदीव में, राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू का पीएम मोदी को खुद एयरपोर्ट पर रिसीव करना और स्वतंत्रता दिवस समारोह का मुख्य अतिथि बनाना, बदलते रिश्तों की कहानी कह रहा है।
यह यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक है। राष्ट्रपति मुइज्जू के कार्यकाल में किसी भी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष की यह पहली यात्रा थी। इस दौरे से साफ हो गया है कि दोनों देश अपने संबंधों को फिर से मजबूत करने के लिए तैयार हैं, जिसे बीते कुछ सालों में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा था।
भारत ने मालदीव को दिया 4,850 करोड़ का तोहफा, रक्षा और विकास में सहयोग
पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत ने मालदीव के साथ कई महत्वपूर्ण समझौते किए। भारत ने नए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत मालदीव को 4,850 करोड़ रुपये की लोन सहायता प्रदान की। इसके साथ ही, मालदीव के रक्षा मंत्रालय को 72 भारी वाहन भी दिए गए, जिससे उनकी रक्षा क्षमताओं को और मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति मुइज्जू के साथ हुई वार्ता के बाद कहा कि भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और ‘महासागर’ दृष्टिकोण में मालदीव का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने इस बात पर गर्व जताया कि भारत मालदीव का सबसे भरोसेमंद दोस्त है। पीएम मोदी ने यह भी घोषणा की कि भारत मालदीव को 56.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर की ऋण सहायता देगा और दोनों देश जल्द ही द्विपक्षीय निवेश संधि को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे।
रक्षा, सुरक्षा और व्यापार पर खास फोकस
प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने मालदीव के लोगों को स्वतंत्रता की 60वीं वर्षगांठ की शुभकामनाएं दीं और उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत और मालदीव के राजनयिक संबंधों की भी 60वीं वर्षगांठ है और हमारी दोस्ती सिर्फ पड़ोस तक सीमित नहीं, बल्कि हम सहयात्री भी हैं।
मोदी ने रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में आपसी सहयोग को आपसी विश्वास का परिचायक बताया। उन्होंने रक्षा मंत्रालय की बिल्डिंग का उद्घाटन किया और इसे दोनों देशों की मजबूत साझेदारी का प्रतीक बताया। इसके अलावा, मौसम विज्ञान के क्षेत्र में भी सहयोग की बात की गई, जिससे यह संदेश दिया गया कि दोनों देशों की दोस्ती हर मौसम में उज्ज्वल रहेगी।
विकास परियोजनाओं से बदलेगी मालदीव की तस्वीर
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के सहयोग से बनाए गए 4000 सोशल हाउसिंग यूनिट्स अब मालदीव के कई परिवारों का नया आशियाना होंगे। इसके साथ ही, फेरिस सिस्टम की शुरुआत से द्वीपों के बीच आवागमन और भी आसान हो जाएगा। इन परियोजनाओं से यह स्पष्ट होता है कि भारत केवल आर्थिक मदद नहीं दे रहा, बल्कि मालदीव के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में भी सीधे तौर पर योगदान दे रहा है।
यह यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों में एक नया मोड़ साबित हुई है, जो पुरानी कड़वाहट को भुलाकर दोस्ती और सहयोग के नए रास्ते खोल रही है।









