मंचीय आयोजन में 44 प्रतिशत की वृद्धि, 2030 तक दो करोड़ रोजगार का लक्ष्य
OM Darpan
नई दिल्ली। भारत के मंचीय और सजीव आयोजन क्षेत्र में पिछले एक वर्ष में 44 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार ने बताया कि देशभर में हुए चौंतीस हजार कार्यक्रमों से एक करोड़ से अधिक लोगों को आजीविका मिल रही है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक इस क्षेत्र को दोगुना कर करीब दो करोड़ नए रोजगार सृजित करना है।
आयोजनों की त्वरित स्वीकृति के लिए एकल खिड़की व्यवस्था बनाई गई है। अब तक उनतीस राज्यों ने इसके लिए अपने समन्वयक अधिकारी नियुक्त कर दिए हैं। महाराष्ट्र सहित पांच राज्य आदर्श कार्यकारी आदेश को पूरी तरह अपना चुके हैं। बाकी राज्यों से भी इसे जल्द लागू करने को कहा गया है।
विदेशी कलाकारों के प्रवास और पंजीकरण नियमों को आसान बनाया गया है। सरकार समूह प्रवेश-अनुमति, उपकरणों पर सीमा शुल्क छूट, करों में रियायत और इस क्षेत्र को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम का दर्जा देने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही एकल राष्ट्रीय संगीत अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) व्यवस्था भी लागू होगी।
पूर्व-अनुमोदित स्थल और सुरक्षा
आयोजकों की सुविधा के लिए पुरातत्व सर्वेक्षण और खेल प्राधिकरण के परिसरों को आयोजनों के लिए पहले से मंजूरी दी जाएगी। साथ ही, नए आयोजन स्थलों का भी विकास होगा। महिलाओं और दिव्यांगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष दिशा-निर्देश और हरित आयोजन नियमावली लागू की जाएगी।
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