अब सिर्फ जब्ती नहीं, ड्रग्स तस्करी नेटवर्क तोड़ने पर फोकस
OM Darpan
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के राष्ट्रीय सम्मेलन में सरगनाओं और संगठित तस्करी नेटवर्क के खिलाफ मुकदमे की रणनीति पर जोर, राज्यों से तीन वर्षीय रोडमैप तैयार करने को कहा
नई दिल्ली। मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई अब केवल उनकी जब्ती तक सीमित रखने के बजाय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क को खत्म करने पर केंद्रित होगी। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में तस्करी गिरोहों के सरगनाओं और संगठित नेटवर्क के खिलाफ मुकदमा चलाने की रणनीति अपनाने पर भी जोर दिया गया।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की ओर से 22 और 23 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित सम्मेलन के समापन के बाद गुरुवार को जारी बयान में यह जानकारी दी गई।
सिर्फ खेप पकड़ना नहीं, नेटवर्क खत्म करने पर जोर
सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया कि मादक पदार्थों की जब्ती के साथ-साथ उनके पीछे सक्रिय पूरे ड्रग्स तस्करी नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में कार्रवाई की जाए। इसके तहत तस्करी गिरोहों के सरगनाओं और संगठित नेटवर्क के खिलाफ मुकदमा चलाने की रणनीति पर भी ध्यान केंद्रित करने की बात कही गई।
राज्यों को भी तैयार करना होगा तीन साल का रोडमैप
एनसीबी के बयान के अनुसार, राज्यों को केंद्र की ओर से जारी तीन वर्षीय रोडमैप की तर्ज पर अपने-अपने रोडमैप तैयार करने के लिए प्रेरित किया गया है। इसका उद्देश्य राज्यों में ड्रग्स की समस्या को नियंत्रित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ना है।
2029 तक देश को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कुछ महीने पहले नेशनल विजन डॉक्यूमेंट जारी किया था। इसमें वर्ष 2029 तक देश को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
अमित शाह ने मंगलवार को सम्मेलन का उद्घाटन किया था। एनसीबी के बयान के अनुसार, उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का समय आ गया है और यह देश तथा दुनिया के लिए गंभीर खतरा है।
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