पहाड़ों पर बाढ़ और भूस्खलन ने मचाया कहर, कई गांवों में मकान ढहे; हाईवे पर लंबा जाम
OM Darpan
Jul 28, 2024 08:36 am
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28 Jul 2024
नई दिल्ली। पहाड़ों में लगातार हो रही वर्षा और भूस्खलन के चलते लोगों की परेशानी बढ़ गई है। टिहरी में बादल फटने, भूस्खलन और नदी-नालों के उफनाने की घटनाओं से व्यापक पैमाने पर क्षति हुई है।
बूढ़ाकेदार में बादल फटने से मकान ध्वस्त
शुक्रवार रात टिहरी के बूढ़ाकेदार के तोली गांव में बादल फटने से हुए भूस्खलन में एक मकान ध्वस्त हो गया। मलबे में दबकर मां-बेटी की जान चली गई, जबकि घर के तीन सदस्य किसी तरह भागकर जान बचाने में सफल रहे।मनाली-लेह मार्ग बाढ़ से प्रभावित
शनिवार सुबह मनाली के पास अंजनी महादेव नाले में बाढ़ आने से मनाली-लेह मार्ग लगभग सात घंटे बंद रहा। बाढ़ के कारण सड़क पर पत्थर और मिट्टी आ गई थी, जिससे यातायात बाधित हुआ।तिनगढ़ गांव में भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड के टिहरी क्षेत्र में तिनगढ़ गांव में प्रशासन ने भूस्खलन का खतरा देखते हुए गांव के लगभग 80 घरों को खाली कराकर सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया था। शाम को भूस्खलन से यहां 15 मकान ध्वस्त हो गए। दोनों गांवों के लोग दहशत में हैं।रुद्रप्रयाग और बद्रीनाथ हाईवे पर यातायात बाधित
रुद्रप्रयाग में केदारनाथ राजमार्ग में भूस्खलन होने से यात्रियों को नौ घंटे तक पड़ावों में ही रोका गया, जिससे लगभग 2500 यात्री फंसे रहे। बद्रीनाथ हाईवे भी 12 घंटे से अधिक समय तक बंद रहा। उत्तरकाशी में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भी चार घंटे बाधित रहा।मुख्यमंत्री का निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टिहरी जिला प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों के संवेदनशील गांवों को तत्काल चिह्नित कर सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। बादल फटने से बालगंगा और धर्मगंगा नदियों का रौद्र रूप देख बूढ़ाकेदार घाटी के हजारों ग्रामीण रात भर जागते रहे।हिमाचल प्रदेश में भी बाढ़ का कहर
हिमाचल प्रदेश में भी लगातार हो रही वर्षा से विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन के कारण 10 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। यहां बादल फटने से पांच मकानों और पांच पशुशालाओं को नुकसान हुआ है। मौसम विभाग ने रविवार के लिए कांगड़ा और सिरमौर जिले में भारी वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया है।
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