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अडानी ग्रुप के साथ केन्या की पावर ट्रांसमिशन और एयरपोर्ट विस्तार डील रद्द

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OM Darpan

Nov 22, 2024 07:59 am 215 views
अडानी ग्रुप के साथ केन्या की पावर ट्रांसमिशन और एयरपोर्ट विस्तार डील रद्द
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नई दिल्ली।

केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो ने भारतीय कंपनी अडानी ग्रुप के साथ किए गए सभी समझौतों को रद्द करने की महत्वपूर्ण घोषणा की है। इन समझौतों में पावर ट्रांसमिशन और एयरपोर्ट विस्तार से जुड़ी बड़ी परियोजनाएं शामिल थीं। इस कदम से अडानी ग्रुप के अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स पर बड़ा असर पड़ सकता है।
700 मिलियन डॉलर की पावर ट्रांसमिशन डील रद्द केन्या सरकार ने अडानी ग्रुप के साथ हुए 700 मिलियन डॉलर के पावर ट्रांसमिशन समझौते को रद्द कर दिया है। इस समझौते के तहत केन्या में बिजली ट्रांसमिशन के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया जाना था, जिसे अब पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है।
 
1.8 बिलियन डॉलर का एयरपोर्ट विस्तार प्रस्ताव रद्द इसके अतिरिक्त, अडानी ग्रुप का 1.8 बिलियन डॉलर का एयरपोर्ट विस्तार प्रस्ताव भी रद्द कर दिया गया है। यह प्रस्ताव केन्या के एक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के विकास के लिए था, जिसे अब केन्या सरकार ने अस्वीकार कर दिया है।
  अमेरिकी आरोपों का असर और सरकार का निर्णय इस निर्णय का प्रमुख कारण अडानी ग्रुप पर अमेरिका में लगे वित्तीय धोखाधड़ी और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप माने जा रहे हैं। हाल ही में आई हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रुप पर गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसके चलते कई देशों में कंपनी की परियोजनाओं को लेकर संशय उत्पन्न हुआ है। केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो ने कहा कि उनकी सरकार पारदर्शिता और ईमानदारी के सिद्धांतों का पालन करती है और किसी भी ऐसे अनुबंध को मंजूरी नहीं देगी, जो देश की छवि और हितों के खिलाफ हो।   राष्ट्रपति रूटो का बयान राष्ट्रपति विलियम रूटो ने कहा, "हम किसी भी ऐसे अनुबंध को मंजूरी नहीं देंगे, जो हमारे देश की छवि और हितों के खिलाफ हो। केन्या सरकार पूरी तरह से पारदर्शिता और ईमानदारी के सिद्धांतों का पालन करती है और हम ऐसी परियोजनाओं को अनुमति नहीं देंगे, जो इन मानकों से मेल नहीं खाती हों।"  
अडानी ग्रुप की प्रतिक्रिया का इंतजार केन्या सरकार के इस निर्णय के बाद सभी की नजर अब अडानी ग्रुप की प्रतिक्रिया पर है। क्या वे इस निर्णय का विरोध करेंगे या कोई कानूनी कदम उठाएंगे, यह देखना बाकी है। इस कदम का केन्या की विकास योजनाओं पर कितना प्रभाव पड़ेगा, यह भी देखना दिलचस्प होगा।
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