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भारत ईएफटीए देशों से 100 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए तैयार: पीयूष गोयल

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OM Darpan

Jul 21, 2025 05:52 am 309 views
भारत ईएफटीए देशों से 100 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए तैयार: पीयूष गोयल
  मुंबई। केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मुंबई में एसोचैम प्रबंध समिति की बैठक को संबोधित करते हुए विश्वास जताया कि भारत विदेशी निवेश के लिए एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है और वह नॉर्वे, स्विट्जरलैंड, लिकटेंस्टीन व आइसलैंड जैसे चार यूरोपीय देशों से लगभग 100 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित करने की क्षमता रखता है। इस अवसर पर एसोचैम के अध्यक्ष संजय नायर व एसोचैम के पूर्व अध्यक्ष व जेएसडब्ल्यू समूह के अध्यक्ष सज्जन जिंदल भी उपस्थित थे। गोयल ने यह भी जानकारी दी कि ईएफटीए-भारत एफटीए समझौता 1 अक्टूबर, 2025 से प्रभावी हो जाएगा।
प्रतिस्पर्धा व गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान मंत्री पीयूष गोयल ने बैठक में मौजूद एसोचैम के सदस्यों से आग्रह किया कि वे प्रतिस्पर्धी बने रहने और इन मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का पूरा लाभ उठाने के लिए पैमाने व गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए नवाचार को अपनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भारतीय उद्योग जगत के कई शीर्ष सीईओ शामिल हुए, जिनमें वेलस्पन वर्ल्ड के अध्यक्ष बी. के. गोयनका, हीरानंदानी समूह के संस्थापक व अध्यक्ष डॉ. निरंजन हीरानंदानी, भारतीय परिवहन निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक विनीत अग्रवाल, एम. के. सांघी समूह के अध्यक्ष एम. के. सांघी, कनोरिया फाउंडेशन के ट्रस्टी सुनील कनोरिया, नायका की सीईओ फाल्गुनी नायर, एल कार्टरटन इंडिया के कार्यकारी अध्यक्ष संजीव मेहता, आरपीजी समूह के उपाध्यक्ष अनंत गोयनका व एपीएसी फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक व प्रबंध निदेशक गुनीत चड्ढा प्रमुख थे।
रोजगार व नवाचार को मिलेगा बढ़ावा कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह एफडीआई प्रतिबद्धता आने वाले वर्षों में लगभग दस लाख प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी। इसके अतिरिक्त, स्विस लघु व मध्यम आकार के उद्यमों (एसएमई) की भारतीय बाजारों में आसान पहुंच से प्रौद्योगिकी व नवाचार को भी महत्वपूर्ण प्रोत्साहन मिलेगा।
500 अरब डॉलर के निवेश का अनुमान गोयल ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा, "मेरा अनुमान है कि यह 100 अरब डॉलर का एफडीआई, जब भारतीय प्रमोटर इक्विटी के साथ मिलकर आपकी कंपनियों में आएगा, तो यह निश्चित रूप से भारत में ब्राउनफील्ड या ग्रीनफील्ड परियोजनाओं में कम से कम 500 अरब डॉलर के निवेश को गति देगा।"
अनुसंधान एवं विकास के लिए बड़ा कदम एक महत्वपूर्ण नीतिगत पहल का उल्लेख करते हुए श्री गोयल ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में अनुसंधान व विकास (आरएंडडी) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक नवाचार कोष के लिए ₹1 लाख करोड़ की राशि स्वीकृत की है।
 
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