21 अक्टूबर 2026 |
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कला को केवल दीर्घाओं तक सीमित न रखें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

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OM Darpan

Oct 21, 2026 11:23 pm 386 views
कला को केवल दीर्घाओं तक सीमित न रखें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी पुरस्कार समारोह में


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नई दिल्ली में 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के विजेताओं को दिए गए ललित कला अकादमी पुरस्कार

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नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के चयनित कलाकारों को प्रतिष्ठित ललित कला अकादमी पुरस्कारों से सम्मानित किया। इसके साथ ही उन्होंने तृतीय प्रिंट द्विवार्षिकी भारत-2026 के ग्रैंड प्राइज विजेताओं और सम्माननीय उल्लेख प्राप्त करने वाले कलाकारों को भी पुरस्कृत किया। इस मौके पर राष्ट्रपति ने कहा कि यह समारोह देश की कलात्मक विरासत, सांस्कृतिक विविधता और समकालीन रचनात्मकता का एक बड़ा उत्सव है।


संस्कृति का दर्पण है कला

समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि कला केवल कैनवास पर बनी आकृतियों या पत्थरों से तराशी गई मूर्तियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति का वास्तविक दर्पण है। इसके जरिए हमारे अतीत की स्मृतियां, वर्तमान के अनुभव और भविष्य की आकांक्षाएं प्रदर्शित होती हैं। कला समाज और समय को एक नए नजरिए से समझने का अवसर देती है। उन्होंने दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले पारंपरिक कलाकारों को समकालीन कला शैलियों और नई तकनीकों का प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि वे बड़े मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।


कलाकारों को मिले आर्थिक सहयोग और बाजार

राष्ट्रपति ने कला क्षेत्र के आर्थिक पक्ष को रेखांकित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में कलाकारों को रचनात्मक मंच देने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक मदद देना भी जरूरी है। उन्हें कला-संग्राहकों से जोड़ने के अवसर मिलने चाहिए, जिससे उनकी कलाकृतियों को एक व्यापक बाजार मिल सके। उन्होंने कलाकृतियों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए संस्कृति मंत्रालय और ललित कला अकादमी की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना भी की।


सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचे कला

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि कला को महज कला दीर्घाओं (आर्ट गैलरी) की चारदीवारी में समेट कर नहीं रखा जाना चाहिए। इसकी पहुंच स्कूलों, विश्वविद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों के साथ-साथ समाज के हर वर्ग तक होनी चाहिए। राष्ट्रपति मुर्मु ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की कि वे युवा और उभरते हुए कलाकारों को अपनी रचनात्मकता का विस्तार करने, प्रतिभा निखारने और नए माध्यमों को अपनाने के लिए भरपूर अवसर उपलब्ध कराएं।

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