अम्बिकापुर (पंकज शुक्ला)।
नवरात्रि पर्व के दौरान सरगुजा जिले के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास स्थित पूजा सामग्री दुकानों में बेचे जा रहे प्रसाद की जांच शुरू की गई है। नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन और कलेक्टर सरगुजा के निर्देशानुसार यह कार्रवाई की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य धार्मिक स्थलों पर प्रसाद की शुद्धता सुनिश्चित करना है, ताकि लोगों को किसी प्रकार की खाद्य मिलावट से बचाया जा सके।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरआर देवांगन ने जानकारी दी कि तिरुपति मंदिर में प्रसाद में मिलावट की हालिया घटना के बाद यह कदम उठाया गया है। नवरात्रि पर्व के अवसर पर जिले में नियमित निरीक्षण और जांच की जा रही है, जिसमें सिद्धपीठ महामाया मंदिर परिसर और उसके आसपास स्थित दुकानों का भी औचक निरीक्षण किया गया।
गुरुवार को, जिले के प्रमुख धार्मिक स्थल महामाया मंदिर के आसपास की दुकानों में बेचे जा रहे प्रसाद की गहन जांच की गई। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने देखा कि प्रसाद विक्रेताओं द्वारा तैयार किए जा रहे प्रसाद को स्वच्छ और स्वास्थ्यकर तरीके से बनाया जाए। साथ ही, उन्हें अपने खाद्य प्रतिष्ठानों की साफ-सफाई और उचित निर्माण प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
खाद्य अपमिश्रण की शंका के आधार पर 02 प्रतिष्ठानों, मेसर्स आनंद श्रीफल भण्डार और मेसर्स जायसवाल प्रसाद एवं मिष्ठान भण्डार से पेड़ा और बेसन लड्डू के नमूने लिए गए। इन नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस प्रकार की नियमित जांच और निरीक्षण प्रक्रिया नवरात्रि के दौरान जिले भर में लागू की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और शुद्ध प्रसाद मिल सके।









