Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

नवजात बच्ची झाड़ियों में मिली, चौकी इंचार्ज ने लिया ऐसा फैसला कि जीत लिया दिल

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

 

गाजियाबाद।

बेव सिटी थाना क्षेत्र के डासना में दुर्गा अष्टमी के दिन इंसानियत और ममता का एक अनूठा उदाहरण सामने आया। झाड़ियों में लावारिस पड़ी एक नवजात बच्ची को पुलिस ने बचाया। दूधिया पीपल चौकी के प्रभारी पुष्पेंद्र चौधरी ने बच्ची को अपनाने का फैसला कर लोगों का दिल जीत लिया। उन्होंने बच्ची को अपने परिवार का हिस्सा बनाने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू की।

हालांकि, बाल कल्याण समिति द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि बच्ची को गोद लेने के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा। पुलिस को बच्ची को एमएमजी हॉस्पिटल गाजियाबाद की नर्सरी में भर्ती करवाकर बाल कल्याण समिति के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। समिति ने कहा है कि सीधे इस तरह बच्ची को गोद नहीं लिया जा सकता, इसके लिए कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

डासना क्षेत्र के इनायतपुर गांव के पास झाड़ियों में बच्ची लावारिस हालत में मिली थी। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर स्थानीय लोगों का ध्यान उसकी तरफ गया और उन्होंने पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची को तुरंत मेडिकल जांच और देखभाल के लिए डासना सीएससी भेजा। पुलिस ने बच्ची के परिवार की तलाश भी शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

चौकी प्रभारी पुष्पेंद्र चौधरी ने अपनी पत्नी राशि से बात की, और दोनों ने मिलकर बच्ची को गोद लेने का फैसला किया। चौधरी और उनकी पत्नी, जिनकी शादी 2018 में हुई थी, ने बच्ची को नवरात्रि के इस पावन अवसर पर माता का आशीर्वाद मानकर उसे गोद लेने का निश्चय किया। हालांकि, बच्ची को कानूनी रूप से गोद लेने की प्रक्रिया अभी जारी है।

इंस्पेक्टर थाना वेव सिटी अंकित चौहान ने कहा कि बच्ची लावारिस हालत में पुलिस को मिली है और चौकी प्रभारी पुष्पेंद्र चौधरी एवं उनका परिवार उसे गोद लेना चाहता है। इसके लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। एसीपी वेव सिटी लिपि नगायच ने पुष्टि की कि बच्ची को गोद लेने की कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।

बाल कल्याण समिति गाजियाबाद के न्याय पीठ ने निर्देश दिए हैं कि बच्ची को एमएमजी हॉस्पिटल की नर्सरी में भर्ती करवाया जाए और स्वस्थ घोषित होने पर उसे समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। किशोर न्याय अधिनियम 2015 के तहत बाल कल्याण समिति द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बच्ची को कानूनी प्रक्रिया के तहत गोद लिया जाए।

omdarpanprmot-01
previous arrow
next arrow

Leave a Comment