हैदराबाद।
सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख लौह अयस्क उत्पादक कंपनी एनएमडीसी (NMDC) ने वित्त वर्ष 26 में अपने इतिहास का अब तक का सबसे शानदार परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। घरेलू इस्पात की मजबूत मांग और अपनी बढ़ती क्षमताओं के दम पर कंपनी का लौह अयस्क उत्पादन 21 प्रतिशत की छलांग के साथ 53.16 मिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, बिक्री भी 13 प्रतिशत बढ़कर 50.24 मिलियन टन रही। यह एनएमडीसी के इतिहास में अब तक की सबसे अधिक वार्षिक मात्रा है।
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NMDC के मुनाफे और टर्नओवर में जबरदस्त उछाल
उत्पादन और बिक्री में हुई इस भारी वृद्धि का सीधा असर कंपनी के वित्तीय नतीजों पर दिखा है। वित्त वर्ष 26 में कंपनी का टर्नओवर 33 प्रतिशत बढ़कर 31,554 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) 11 प्रतिशत बढ़कर 7,421 करोड़ रुपये हो गया। कर पूर्व लाभ 9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 10,155 करोड़ रुपये और एबिटा (EBITDA) 9 प्रतिशत बढ़कर 10,737 करोड़ रुपये रहा।
निवेशकों को 3,077 करोड़ का कुल लाभांश
बेहतर वित्तीय स्थिति के बीच एनएमडीसी ने 3,690 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) किया है। शेयरधारकों के मुनाफे का ध्यान रखते हुए कंपनी के बोर्ड ने 1 रुपये प्रति शेयर के अंतिम लाभांश (Final Dividend) की सिफारिश की है। इससे पहले कंपनी ने 2.5 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश भी घोषित किया था। इस तरह वित्त वर्ष 26 के लिए कुल लाभांश की राशि 3,077 करोड़ रुपये हो गई है।
चौथी तिमाही में भी कायम रहा दबदबा
वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में भी कंपनी ने बाजार में अपना दबदबा और मजबूत किया। इस दौरान लौह अयस्क का उत्पादन साल-दर-साल के आधार पर 22% बढ़कर 16.27 मिलियन टन और बिक्री 21% बढ़कर 15.30 मिलियन टन रही।
बेहतर प्राप्ति और स्थिर परिचालन दक्षता के कारण इस तिमाही में कंपनी का टर्नओवर 61 प्रतिशत उछलकर 11,173 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, शुद्ध लाभ 35 प्रतिशत बढ़कर 2,020 करोड़ रुपये और कर पूर्व लाभ 22 प्रतिशत बढ़कर 2,875 करोड़ रुपये रहा।
भविष्य के लिए तैयार है कंपनी: सीएमडी
इस ऐतिहासिक प्रदर्शन पर एनएमडीसी के सीएमडी अमिताभ मुखर्जी ने कहा, “रिकॉर्ड उत्पादन, टर्नओवर में वृद्धि, रणनीतिक पूंजी नियोजन और मजबूत वित्तीय संकेतकों ने एनएमडीसी को देश के बड़े सार्वजनिक उद्यमों में एक विशिष्ट स्थान पर ला खड़ा किया है।”
उन्होंने कहा कि कंपनी इस वृद्धि को बनाए रखने, परिसंपत्ति उत्पादकता बढ़ाने और भविष्य के लिए तैयार खनन क्षमता का निर्माण करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। कंपनी अब केवल एक उच्च-नकदी-प्रवाह वाले खनन पीएसयू से आगे बढ़कर एक बड़े पैमाने के पूंजी-गहन संसाधन उद्यम के रूप में उभर रही है।











