लोड हो रहा है... | --:--:-- --
लोड हो रहा है... | --:--:-- --
Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

दुर्ग में ‘महा-सफाई’ की खुली पोल

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं


 

युवा कांग्रेस का फूटा गुस्सा, ‘क्लीन सिटी’ के दावों की निकली हवा!

दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।

शहर में कुछ महीने पहले बड़े जोर-शोर से चलाए गए ‘महा-सफाई अभियान’ की पोल पहली जोरदार बारिश ने खोल दी है। महज दो दिन की बारिश में ही शहर के ज्यादातर इलाकों में पानी भर गया, जिससे ‘क्लीन सिटी’ के दावों पर सवाल उठने लगे हैं। इसी को लेकर युवा कांग्रेस ने जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और समस्याओं को तुरंत ठीक करने की मांग की।

युवा कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में कहा कि दुर्ग नगर निगम के अलग-अलग वार्डों में कई दिक्कतें हैं। योजनाएं ठीक से लागू नहीं हो रही हैं और जनता की इच्छा के मुताबिक विकास नहीं हो रहा। उन्होंने शहर के 16 खास मुद्दों को उठाया और कहा कि इन्हें तुरंत सुलझाया जाए।

दिखावा कुछ, हकीकत कुछ और

युवा कांग्रेस ने याद दिलाया कि बरसात से पहले महापौर ने खूब बड़े स्तर पर महा-सफाई अभियान चलाया था। इस अभियान में हर वार्ड में पार्षद, अधिकारी, कर्मचारी, सफाईकर्मी और खुद महापौर मौजूद थे। दावा किया गया था कि नालियों, सड़कों और गलियों को साफ किया गया है, जो कचरे से भरी पड़ी थीं। साथ ही, सार्वजनिक जगहों और शौचालयों की सफाई का भी दावा किया गया था। इस दौरान सार्वजनिक जगहों, मुख्य सड़कों और बाजारों से अवैध कब्जे भी हटाए गए थे।

दो दिन की बारिश ने खोल दी सारी पोल

युवा कांग्रेस का कहना है कि सिर्फ दो दिन की बारिश ने महा-सफाई अभियान की सारी सच्चाई सामने ला दी है। वार्डों में सफाई कर्मचारियों की कमी के कारण सफाई व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई है, जिससे ‘क्लीन सिटी’ का सपना अधूरा ही रह जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के ‘स्वच्छ भारत अभियान’ को दुर्ग में बीजेपी की शहर सरकार कमजोर कर रही है।

जलभराव से हाल बेहाल: बच्चों को स्कूल जाने में भी हुई मुश्किल

सिर्फ तीन दिन की बारिश से शहर की निचली बस्तियों और पॉश कॉलोनियों में भी पानी भर गया है। शहर की सड़कें और नालियां नदी-नालों जैसी दिख रही हैं। दुर्ग शहर के कई वार्डों में यही नजारा देखने को मिला, जहां सुबह लोग अपने बच्चों को स्कूल बस में बैठाने आए तो उन्हें खूब दिक्कतें हुईं। कुछ बच्चों को तो स्कूल के गेट से ही वापस घर लौटना पड़ा। यही हाल निचली बस्तियों में रहने वाले लोगों का भी रहा, जिनके घरों में घुटनों तक पानी भर गया। वे दिनभर अपनी रोजी-रोटी छोड़कर घरों से पानी निकालने में लगे रहे।

ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से युवा कांग्रेस के पदाधिकारी संदीप वोरा, मोहित वाल्दे, एनि पिटर और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता व सदस्य शामिल थे।

 

omdarpanprmot-01
previous arrow
next arrow