रायपुर।
छत्तीसगढ़ के जशपुर और बिलासपुर जिले में सर्पदंश से होने वाली मौतों के आंकड़े पर घोटाले का आरोप लगा है। भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने सदन में यह दावा किया कि विभागीय आंकड़ों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है, जिसके तहत करोड़ों रुपए का मुआवजा फर्जी तरीके से बांटा गया। विधायक के आरोपों पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने जांच का आश्वासन दिया है।
सुशांत शुक्ला के मुताबिक, जशपुर जिले को ‘सर्पलोक’ कहा जाता है, जहां 96 सर्पदंश से मौतें हुईं, लेकिन बिलासपुर में 431 मौतों का आंकड़ा पेश किया गया, जो उनके अनुसार असंभव है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में मुआवजे के वितरण में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हुआ है।
विधानसभा अध्यक्ष ने इस पर सवाल उठाते हुए पूछा, “क्या सांप फर्जी था या आदमी?” मंत्री टंकराम वर्मा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह जानकारी पहली बार सामने आई है, और यदि ऐसा है, तो वह पूरी तरह से जांच करेंगे।
विधायक शुक्ला ने पूछा, “क्या पहले इस मामले की जांच हुई है?” उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य और राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों का घोटाला हुआ है। शुक्ला ने यह भी कहा कि उन्हें सचिव स्तर के अधिकारी से इसकी जांच कराने की आवश्यकता है।
मंत्री टंकराम वर्मा ने सदन में यह घोषणा की कि बिलासपुर में सर्पदंश से हुई 431 मौतों की जांच कराई जाएगी, और अगर इस मामले में कोई शिकायत मिलती है, तो कार्रवाई भी की जाएगी।









