छत्तीसगढ़ में पादरी को दफनाने पर विवाद, सुप्रीम कोर्ट ने जताया दुख
OM Darpan
Jan 21, 2025 06:20 am
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21 Jan 2025
बिलासपुर। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के ग्राम छिंदवाड़ा में एक पादरी के अंतिम संस्कार को लेकर उठे विवाद पर गहरी चिंता व्यक्त की। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने कहा, “हमें यह कहते हुए दुख हो रहा है कि एक व्यक्ति को अपने पिता को दफनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा है। शव 7 जनवरी से मुर्दाघर में पड़ा हुआ है, जो एक बेहद गंभीर स्थिति है।” याचिकाकर्ता रमेश बघेल ने अपने पिता, जो पादरी थे, को गांव के कब्रिस्तान में ईसाइयों के लिए निर्धारित स्थान पर दफनाने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस मामले में शांति भंग होने की आशंका जताते हुए याचिका खारिज कर दी थी। राज्य सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि गांव में ईसाइयों के लिए कोई कब्रिस्तान नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि मृतक को 20 किलोमीटर दूर किसी अन्य स्थान पर दफनाया जा सकता है। इसके विपरीत, वरिष्ठ अधिवक्ता कोलिन गोंजाल्विस ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता के परिवार के अन्य सदस्य गांव में ही दफनाए गए थे, और उनके पिता को भी वहीं दफनाने की अनुमति मिलनी चाहिए। पीठ ने इस मुद्दे पर अधिकारियों की विफलता पर नाराजगी जताई। अदालत ने कहा, “यह मामला न पंचायत सुलझा सकी, न राज्य सरकार और न ही हाईकोर्ट।” मामले की अगली सुनवाई बुधवार को निर्धारित की गई है।
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