ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026 : अब छत्तीसगढ़ में व्यापार करना होगा और भी आसान, मुख्य सचिव ने तैयार किया 90 दिनों का गेमप्लान
OM Darpan
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली एपेक्स काउंसिल करेगी निगरानी, तय समय में काम न होने पर लगेगा जुर्माना
✍️ विशेष संवाददाता
रायपुर | रायपुर के मंत्रालय महानदी भवन में आज मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026 को लेकर एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य में निवेश और कारोबार को सुगम बनाने के लिए एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन और एक विस्तृत कार्ययोजना पर गहन मंथन किया गया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस कानून को धरातल पर उतारने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं।
बैठक में जानकारी दी गई कि इस नए एक्ट के शेड्यूल-1 के दायरे में 43 सेवाएं, 9 शासकीय अधिनियम और 8 प्रशासनिक विभागों को शामिल किया गया है। इसके क्रियान्वयन को गति देने के लिए 27 अगस्त 2026 से 90 दिनों की एक विशेष कार्ययोजना पर काम शुरू होगा। एक्ट के सुचारू संचालन के लिए तीन-स्तरीय निगरानी प्रणाली बनाई गई है, जिसमें राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एपेक्स काउंसिल, कार्यकारी स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कार्यकारी समिति और जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला सशक्त समिति जिम्मेदारी संभालेंगी।
देरी हुई तो लगेगी पेनाल्टी
मुख्य सचिव ने बैठक में साफ किया कि सेवाओं में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीम्ड अप्रूवल प्रमाण-पत्र के प्रावधानों के तहत यदि निर्धारित समय-सीमा में प्रमाण-पत्र जारी नहीं होता है, तो संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार पेनाल्टी लगाई जाएगी। मुख्य सचिव ने विभागों को एक्ट का प्रथम ड्राफ्ट तैयार कर जल्द सुझाव साझा करने और मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) अधिसूचित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में विधि एवं विधायी विभाग के प्रमुख सचिव मनीष कुमार ठाकुर, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद और पर्यटन सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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