बिलासपुर: नन्हे हाथों में तिरंगा और दिल में जल बचाने का संकल्प, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव के साथ बच्चों ने भरी हुंकार
OM Darpan
Aug 17, 2026 07:29 pm
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17 Aug 2026
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नमामि गंगे अभियान के तहत कोटा के गोबरीपाट में उमड़ा जनसैलाब, जनजातीय समाज ने लिया प्राकृतिक संसाधनों को बचाने का संकल्प
देशप्रेम के साथ जल संरक्षण का अनूठा संगम
गोबरीपाट की सड़कों पर तिरंगा यात्रा के दौरान अद्भुत उत्साह देखने को मिला। जनजातीय बच्चों और विद्यार्थियों ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज थामकर पूरे जोश के साथ इस आयोजन में भागीदारी की। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य केवल राष्ट्रभक्ति जगाना ही नहीं, बल्कि जन-जन तक जल संरक्षण, नदियों और घाटों की स्वच्छता के साथ प्राकृतिक संसाधनों के बचाव का संदेश पहुंचाना भी रहा।अनमोल है पानी की हर एक बूंद
इस खास मौके पर प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने तिरंगे को देश की आन-बान और शान का प्रतीक बताते हुए जल और प्राकृतिक धरोहरों को बचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए पानी की एक-एक बूंद को सहेजना आज की बड़ी जरूरत है। उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि जनजातीय समाज हमेशा से ही प्रकृति, जल, जंगल और जमीन की रक्षा करता रहा है।स्कूल में गूंजे देशभक्ति के तराने
तिरंगा यात्रा के साथ ही गोबरीपाट स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भी विशेष कार्यक्रम हुआ। भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सहयोग से आयोजित इस 'हर घर तिरंगा' अभियान में छात्रों ने देशभक्ति से भरे सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। इस दौरान सभी को नदियों की सफाई रखने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की शपथ दिलाई गई। बच्चों ने संकल्प लिया कि वे तिरंगे के मान के साथ स्वच्छ जल और सुरक्षित पर्यावरण के निर्माण में अपना पूरा सहयोग देंगे।जरूरी खबरें
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