UPI Charges: यूपीआई शुल्क हटाने की कांग्रेस ने उठाई मांग
OM Darpan
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने यूपीआई (UPI Charges) पर लगने वाले शुल्क को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हठधर्मिता छोड़कर इस फैसले को तत्काल निरस्त करे और पूर्व की तरह इसे निःशुल्क करे।
ठाकुर ने बताया कि यूपीआई शुल्क लागू होने के बाद व्यापारियों ने दोबारा नगदी में लेनदेन शुरू कर दिया है। आम जनता के पास नगदी की कमी है और कई जगहों पर यह शुल्क उपभोक्ताओं से वसूला जा रहा है।
नगद लेनदेन की बढ़ी प्रवृत्ति
व्यापारियों का कहना है कि वे यूपीआई शुल्क नहीं देंगे क्योंकि इससे उन्हें आर्थिक नुकसान होगा। कांग्रेस प्रवक्ता ने इसे जायज बताते हुए कहा कि सरकार का यह दावा भ्रामक था कि शुल्क का बोझ जनता पर नहीं पड़ेगा।
यूपीआई को डिजिटल क्रांति की पहचान बताकर प्रचारित किया गया था, लेकिन अब आर्थिक नुकसान के डर से जनता और व्यापारी इसके इस्तेमाल से बच रहे हैं। सरकार अब डिजिटल व्यवस्था को कमाई का जरिया बना रही है।
कमाई का जरिया बनी व्यवस्था
प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि देश का छोटा दुकानदार दिनभर में दर्जनों डिजिटल भुगतान स्वीकार करता है। हर लेनदेन पर शुल्क लगने से दुकानदार के मुनाफे और आम उपभोक्ता की जेब पर सीधा प्रहार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार यूपीआई पेमेंट को विदेशी पूंजीपतियों की वसूली का एटीएम बनाना चाहती है। महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक दबाव से जूझ रही जनता के साथ यह फैसला सरासर अन्याय है।
बढ़ेगी महंगाई और आर्थिक बोझ
कांग्रेस का तर्क है कि डिजिटल भुगतान पर टैक्स लगने से महंगाई बढ़ेगी और आमदनी कम होने के बावजूद खर्चे बढ़ जाएंगे। जनता को राहत देने के बजाय सरकार जेब काटने का काम कर रही है।
धनंजय सिंह ठाकुर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यूपीआई पर शुल्क लगाने का फैसला तत्काल वापस लिया जाए। सरकार को डिजिटल भुगतान को टैक्स मुक्त रखकर आम जनता को राहत प्रदान करनी चाहिए।
जरूरी खबरें
विज्ञापन